CG News: महानदी किनारे बसा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, 12 शिवलिंग और 25 साल से जल रही अखंड ज्योत है खास पहचान
CG News: धमतरी जिले के रुद्री में महानदी के तट पर स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर आस्था और लोकपरंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. मंदिर के गर्भगृह में भगवान रुद्रेश्वर महादेव विराजमान हैं, जबकि आसपास का प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है. मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में प्रवेश द्वार के नीचे स्थापित 12 शिवलिंग और करीब 25 वर्षों से लगातार प्रज्वलित अखंड ज्योत शामिल हैं. स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है.
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राम-वनवास से जुड़ी है स्थानीय मान्यता
रुद्रेश्वर महादेव मंदिर को लेकर क्षेत्र में एक प्राचीन लोकमान्यता प्रचलित है. कहा जाता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे और भगवान श्रीराम ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी. इसी विश्वास के चलते मंदिर का धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं के बीच और बढ़ जाता है. मंदिर परिसर में स्थापित श्रीराम दरबार भी इस लोकपरंपरा से जुड़ी धार्मिक आस्था को दर्शाता है.

मंदिर परिसर में मौजूद हैं कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं स्थापित हैं. इसके अलावा शेषशैया पर भगवान विष्णु, कालभैरव और माता शीतला की प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र हैं. परिसर में रुद्रेश्वरी माता की प्राचीन प्रतिमा और पुराना कदम वृक्ष भी विशेष महत्व रखते हैं. मुख्य द्वार के नीचे स्थापित 12 शिवलिंग मंदिर की धार्मिक पहचान को और खास बनाते हैं.

महानदी के जल से होता है भगवान शिव का अभिषेक
रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में महानदी के जल से भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. प्रतिदिन सुबह नदी के जल से भगवान रुद्रेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाता है. सावन के महीने में यह परंपरा विशेष रूप से देखने को मिलती है, जब दूर-दूर से श्रद्धालु महानदी में स्नान करने के बाद जल लेकर मंदिर पहुंचते हैं. वहीं माघ पूर्णिमा के अवसर पर आसपास के करीब 52 गांवों के देवी-देवताओं के यहां पहुंचने की परंपरा बताई जाती है, जिससे पूरा परिसर सामूहिक आस्था का केंद्र बन जाता है.
20 करोड़ के कॉरिडोर से बदलेगा मंदिर का स्वरूप
मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसके विकास की योजना भी तैयार की गई है. राज्य शासन की ओर से करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई है. विकास कार्य पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. 12 शिवलिंग, अखंड ज्योत, प्राचीन प्रतिमाओं, महानदी से जुड़ी पूजा परंपरा और लोकमान्यताओं के कारण रुद्रेश्वर महादेव मंदिर की पहचान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में बनी हुई है.
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