CG News: छत्तीसगढ़ में शिक्षा को लेकर सरकार का बड़ा दावा, भर्ती से लेकर डिजिटल मॉनिटरिंग तक कई बदलाव
CG News: रायपुर में स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सरकार का जोर शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी केंद्रित बनाने पर है. विभाग ने शिक्षकों की उपलब्धता, पदोन्नति, भर्ती, पाठ्यपुस्तक, स्कूल भवन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे क्षेत्रों में कई कदम उठाए हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 10,538 विद्यालयों का समायोजन किया गया, वहीं 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का भी समायोजन किया गया है.

शिक्षक भर्ती और पदोन्नति को मिली रफ्तार
सरकार के अनुसार 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 4,729 एकल शिक्षक वाले स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं. पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती हुई है और 5 हजार शिक्षकीय पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा विभिन्न पदों पर 7 हजार से ज्यादा पदोन्नतियां की गई हैं. स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी 3 हजार से अधिक संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है.

डिजिटल शिक्षा और बहुभाषी पढ़ाई पर जोर
शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति और डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है. टीके ऐप के जरिए प्रतिदिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है. वहीं एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए स्कूलों और विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है. बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं को पढ़ाई से जोड़ने के लिए हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी में पाठ्यपुस्तक तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है.
विद्यार्थियों को सुविधाएं और स्कूलों का विस्तार
सरकार ने बताया कि कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. वहीं 1.62 लाख से अधिक छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना और 28 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश का लाभ मिला है. पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं और 2,583 अतिरिक्त कक्षों की मंजूरी दी गई है. वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
आदिवासी क्षेत्रों से लेकर एआई मॉनिटरिंग तक नई पहल
बस्तर और विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने, नए विद्यालय खोलने और आवासीय सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. प्रदेश के 156 आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में 33 हजार से अधिक विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं एआई आधारित निगरानी, बारकोड से पाठ्यपुस्तक ट्रैकिंग और कॉल सेंटर के जरिए फीडबैक जैसी व्यवस्थाओं को शिक्षा प्रशासन का हिस्सा बनाया गया है. सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और विद्यार्थियों के लिए बेहतर बनाया जा रहा है.
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