CG News: मानव-हाथी सह-अस्तित्व की नई पहल, CM साय ने ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ का किया विमोचन
CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 17 अगस्त को जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ पुस्तक का विमोचन किया. यह पुस्तक मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जशपुर वनमंडल की ओर से किए जा रहे प्रयासों का दस्तावेज है. मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
जनसुरक्षा के साथ हाथियों का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर वन संपदा और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है. ऐसे में मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके विचरण क्षेत्रों को लेकर ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाकर द्वंद्व की घटनाओं को कम किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के साथ वन और वन्यजीवों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है.
गांवों और स्कूलों तक पहुंच रहा अभियान
‘गजरथ यात्रा’ के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. ग्रामीणों और विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास, भोजन और विचरण क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है. लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उनके करीब जाने से बचने और हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
तकनीक से समय पर मिल रही सूचना
जशपुर वनमंडल हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और प्रभावित इलाकों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है. ‘राज संकेत’ ऐप के जरिए हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित ग्रामीणों तक मोबाइल संदेश भेजे जा रहे हैं. इससे लोगों को समय रहते सतर्क होने और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने में मदद मिल रही है.
वनकर्मियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन, जनसुरक्षा और हाथी संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदानी वनकर्मियों की तत्परता और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय से मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम किया जा सकता है. ‘गजरथ यात्रा’ के जरिए जशपुर में जनजागरूकता, तकनीक और सामुदायिक भागीदारी को जोड़कर मानव और हाथियों के सुरक्षित सह-अस्तित्व की दिशा में प्रयास किया जा रहा है.
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