CG News: 23 साल बाद सोमवार को नाग पंचमी का संयोग, 2 घंटे 37 मिनट रहेगा पूजा का शुभ समय
CG News: इस वर्ष नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोमवती नाग पंचमी कहा जा रहा है. ऐसा संयोग इससे पहले वर्ष 2003 में बना था. सावन के तीसरे सोमवार के व्रत और नाग पंचमी का पर्व एक ही दिन होने से इस अवसर का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. पंचमी तिथि की शुरुआत 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट से हो चुकी है और सोमवार शाम करीब 5 बजे इसका समापन होगा.

शिव और नाग देवता की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व है. ज्योतिषीय मान्यताओं में इस दिन शुभ योग, शुक्ल योग और रवि नामक योग बनने की बात कही गई है. भक्त इस अवसर पर शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ नाग देवता की पूजा कर सकते हैं. मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है.
पंचमी तिथि नाग देवता को समर्पित
ज्योतिष शास्त्र में पंचमी तिथि का संबंध नाग देवता से माना गया है. वहीं सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और महादेव के गले में नागराज वासुकी विराजमान हैं. इसी वजह से सावन मास की पंचमी को नाग पूजा के लिए विशेष माना जाता है. भक्त इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की आराधना कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं.
2 घंटे 37 मिनट रहेगा शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी पर पूजा के लिए सुबह 5 बजकर 50 मिनट से 8 बजकर 28 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है. यानी भक्तों को पूजा के लिए करीब 2 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा. इसके अलावा दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 52 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त और दोपहर 2 बजकर 37 मिनट से 3 बजकर 29 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा.
दिनभर रहेंगे कई शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 59 मिनट से 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा, अभिषेक और प्रार्थना की जाती है. सोमवती नाग पंचमी का यह विशेष संयोग श्रद्धालुओं के लिए आस्था और पूजा का खास अवसर माना जा रहा है.
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