CG News: डिजिटल हुई गिरदावरी प्रक्रिया, छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू किए सख्त नियम
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन की गिरदावरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब धान की जगह दूसरी फसल बोने, या खेत खाली छोड़ने पर संबंधित खसरा नंबर के साथ खेत की फोटो मोबाइल एप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. सरकार का लक्ष्य फर्जीवाड़े पर रोक लगाना, और MSP खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है.

डिजिटल गिरदावरी की नई व्यवस्था
अब केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर फसल दर्ज नहीं होगी. खेत में मौजूद वास्तविक फसल का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति पूरी तरह मेल खा सके. इससे गलत जानकारी दर्ज होने की संभावना कम होगी, और सरकारी खरीदी प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी.
सात स्तर पर होगा सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत पटवारी, राजस्व निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी, तहसीलदार, एसडीओ, जिला अधिकारी, और राज्य स्तर के अधिकारी अलग-अलग स्तर पर फसल का निरीक्षण करेंगे. इस बहु-स्तरीय जांच से हर रिकॉर्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन होगा, और गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी.
गलती मिलने पर होगी कार्रवाई
यदि गिरदावरी में गलत डेटा, फर्जी जानकारी, या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने पूरी प्रक्रिया के लिए तय समय-सीमा भी निर्धारित की है, ताकि सभी रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए जा सकें.
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
नई व्यवस्था से ईमानदार किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है. खेत में जो फसल होगी, उसी के आधार पर सरकारी रिकॉर्ड तैयार होगा. इससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी, MSP खरीदी में पारदर्शिता बढ़ेगी, और पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा.



