CG News: छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 लागू, इन्क्यूबेटरों और कॉलेजों को मिलेगा करोड़ों का अनुदान
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को नई गति देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30’ के तहत इन्क्यूबेटरों और कॉलेज इनोवेशन एंड स्टार्टअप सेल के लिए विस्तृत नियम जारी कर दिए हैं. नई व्यवस्था के तहत सरकारी और निजी इन्क्यूबेटरों को वित्तीय सहायता, संचालन अनुदान और विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलेगा.
सरकारी और निजी इन्क्यूबेटरों को मिलेगा करोड़ों का अनुदान
नई नियमावली के अनुसार, नए सरकारी इन्क्यूबेटरों को पात्र परियोजना लागत का अधिकतम 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा. वहीं निजी क्षेत्र के टियर-1 इन्क्यूबेटरों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, या अधिकतम 3 करोड़ रुपए, और टियर-2 इन्क्यूबेटरों को 50 प्रतिशत, या अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी. पहले से संचालित इन्क्यूबेटरों के उन्नयन और संचालन के लिए भी सहायता उपलब्ध रहेगी.
स्टार्टअप कार्यक्रमों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटरों को स्टार्टअप बूटकैंप, हैकाथॉन, निवेशक संपर्क कार्यक्रम, डेमो डे, उद्यमिता जागरूकता अभियान और एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने के लिए भी अनुदान मिलेगा. एक्सेलेरेशन प्रोग्राम की अवधि कम से कम 8 सप्ताह होगी, और प्रत्येक कार्यक्रम में कम से कम 10 ग्रोथ स्टेज स्टार्टअप को शामिल करना अनिवार्य होगा. इसमें मेंटरशिप, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, मार्केट वैलिडेशन, निवेशकों से संपर्क और पोस्ट प्रोग्राम सहायता जैसी सुविधाएं दी जाएंगी.
पांच साल तक मिलेगा अनुदान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूंजीगत और संचालन व्यय के लिए अधिकतम 5 वर्षों तक अनुदान दिया जाएगा. पहली किस्त मिलने के 6 महीने के भीतर इन्क्यूबेटर का संचालन शुरू करना अनिवार्य होगा. साथ ही, संचालन शुरू होने के बाद 5 वर्षों में कम से कम 100 स्टार्टअप को इन्क्यूबेशन सहायता देना भी जरूरी होगा.
कॉलेजों में विकसित होगी स्टार्टअप संस्कृति
नई नीति के तहत राज्य के पात्र कॉलेजों में कॉलेज इनोवेशन एंड स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों को हैकाथॉन, स्टार्टअप प्रतियोगिताएं, उद्यमिता कार्यशालाएं, मेंटरशिप, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और अन्य नवाचार गतिविधियों के लिए संचालन अनुदान मिलेगा. हालांकि, इस राशि का उपयोग भवन निर्माण, वाहन खरीद, नियमित वेतन या नकद पुरस्कार देने में नहीं किया जा सकेगा.
महिलाओं और विशेष वर्ग के उद्यमियों को मिलेगा आरक्षण
समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सरकार ने इन्क्यूबेटरों को निर्देश दिया है कि कम से कम 10 प्रतिशत सीटें महिलाओं और विशेष श्रेणी के उद्यमियों, जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पूर्व सैनिक, अग्निवीर, नक्सल प्रभावित परिवार और दिव्यांगजन, के लिए आरक्षित रहें. इसके अलावा 10 प्रतिशत सीटें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कार्यरत स्टार्टअप के लिए भी सुरक्षित रखी जाएंगी.
ऑनलाइन आवेदन और नियमित निगरानी की व्यवस्था
इन्क्यूबेटरों को विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन की जांच के बाद राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति पात्रता और प्रदर्शन के आधार पर स्वीकृति देगी. अनुदान के उपयोग, प्रगति और रोजगार सृजन की नियमित निगरानी की जाएगी. नियमों का उल्लंघन या गलत जानकारी मिलने पर अनुदान रद्द किया जा सकता है, और राशि की वसूली का भी प्रावधान रखा गया है.

