CG News: रायपुर में आदिवासी समुदायों पर दो दिवसीय मंथन, संस्कृति, शिक्षा और किशोर विकास पर बनी नई रणनीति
CG News: छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक जीवनशैली को सुरक्षित रखते हुए बच्चों और किशोर-किशोरियों के बेहतर भविष्य के लिए राजधानी रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई. इस कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा की.

43 जनजातियों के विकास पर हुआ व्यापक विचार-विमर्श
राज्य शासन के आदिम जाति विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का विषय, ‘मूल मंथन, आदिवासी ज्ञान से किशोरावस्था की पुनर्कल्पना’, रखा गया. दो दिनों तक चले इस आयोजन में जनजातीय समुदायों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर कई अहम सुझाव सामने आए.
आधुनिकता के बीच संस्कृति बचाना सबसे बड़ी चुनौती
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 43 जनजातियां निवास करती हैं, जिनका जीवन जल, जंगल और जमीन से गहराई से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति को अपनी आस्था और जीवन का आधार मानता है. ऐसे में तेजी से बदलते समय के बीच उनकी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.
सामुदायिक नेतृत्व से मिलेगा स्थायी विकास
कार्यशाला के अंतिम दिन वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि जनजातीय क्षेत्रों में स्थायी और प्रभावी बदलाव तभी संभव है, जब स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए सामुदायिक नेतृत्व को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि जनजातीय समुदायों के साथ सम्मान, संवेदनशीलता और विश्वास के आधार पर काम करना ही किसी भी योजना की सफलता की सबसे मजबूत नींव है.
बस्तर सहित जनजातीय क्षेत्रों में बढ़ रही शिक्षा की पहुंच
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय मंथन में मिले सुझावों और अनुभवों के आधार पर आने वाले समय में जनजातीय समुदायों के उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा.

