Jashpur News: दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा में गजपति महाराजा बने मुख्यमंत्री साय, हजारों श्रद्धालुओं संग खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ
Jashpur News: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित दोकड़ा गांव में भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक गजपति महाराजा की भूमिका निभाई. उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के साथ रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना की.
छेरा पहरा की परंपरा निभाकर दिया सेवा का संदेश
पुरी की परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोने की झाड़ू से रथ के आगे मार्ग की सफाई कर छेरा पहरा की रस्म निभाई. इसके बाद चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया गया. शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान का रथ खींचा. पूरे दोकड़ा गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला.
1942 से चली आ रही है दोकड़ा की ऐतिहासिक परंपरा
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1942 से आयोजित हो रही दोकड़ा की रथयात्रा आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने बताया कि जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा है. उन्होंने गजपति की उपाधि देने के लिए दोकड़ा के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहा है. देवभोग का चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है.
सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री की गारंटी को पूरा करने के लिए लगातार कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए जा चुके हैं. महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी हो चुकी हैं. रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं. उन्होंने बिजली बिलों पर सरचार्ज माफी की अवधि बढ़ाने, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को 520 से अधिक सरकारी सेवाएं गांव में उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी.
जशपुर को जल्द मिलेगा रेल नेटवर्क और मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे जशपुर जिला जल्द ही रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा, रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन और संकीर्तन प्रस्तुत किए. ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए. रंग-बिरंगी सजावट, धार्मिक पताकाएं और श्रद्धालुओं की भीड़ ने दोकड़ा गांव को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया.
नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में देंगे दर्शन
धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा मौसीबाड़ी पहुंचे, जहां वे नौ दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. महोत्सव के तहत 20 जुलाई को हेरा पंचमी, 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा, 25 जुलाई को सुना वेश, 26 जुलाई को अधर पाना और 27 जुलाई को नीलाद्री विजय का आयोजन होगा. वहीं 17 से 21 जुलाई तक प्रतिदिन श्री जगन्नाथ महाप्रभु की संगीतमय कथा, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन होंगे. इसके अलावा लिटिल चैंप प्रतियोगिता, रंगोली, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा.
आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है दोकड़ा
दोकड़ा की रथयात्रा की शुरुआत वर्ष 1942 में स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी ने की थी. पिछले आठ दशकों से यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है. आज यह आयोजन छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने पहुंचते हैं.




