CG News: दृष्टिबाधित दंपति कृष्णा और अनिता के जीवन में आई नई रोशनी, सरकारी योजनाओं ने बदली तकदीर
CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के छोटे से गांव गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता आज सुशासन की मिसाल बन चुके हैं, विशेष पिछड़ी जनजाति से आने वाला यह दृष्टिबाधित दंपति कभी अभाव और असुरक्षा में जीवन गुजार रहा था, लेकिन अब सरकारी योजनाओं ने इनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भर दिया है।

प्रधानमंत्री के हाथों मिली पक्के घर की चाबी
इस परिवार के जीवन का सबसे खास पल तब आया जब राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना और पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने पक्के घर की चाबी सौंपी, यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि वर्षों की असुरक्षा के बाद मिला सम्मान और सुरक्षित भविष्य की नई शुरुआत है।
मनरेगा बना आत्मनिर्भरता का सहारा
दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी, महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत दोनों कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का काम करते हैं। वर्ष 2024-25 में उन्हें 86 दिनों का रोजगार मिला, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिल चुका है, इस रोजगार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया और अब उन्हें छोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
सरकारी योजनाओं ने दिया सुरक्षा कवच
सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परिवार के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है, अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन, आयुष्मान भारत कार्ड से स्वास्थ्य सुरक्षा और दिव्यांग पेंशन से आर्थिक सहायता मिलने लगी है, इन योजनाओं की वजह से अब परिवार को इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों की चिंता कम हो गई है।
सुशासन की प्रेरणादायी कहानी
बलरामपुर-रामानुजगंज के कृष्णा और अनिता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जब शासन संवेदनशील हो और योजनाएं सही लोगों तक पहुंचें, तो कठिन परिस्थितियां भी जिंदगी की राह नहीं रोक सकतीं, यह कहानी बताती है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सही योजनाओं का लाभ कैसे किसी जरूरतमंद परिवार के जीवन में अंधेरे से उजाले तक का सफर तय करा सकता है।




