CG News: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2026: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सशक्तिकरण की नई दिशा
CG News: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
800 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता
पिछले 2 साल 4 महीनों में राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए हैं। यह राशि डीबीटी के जरिए दी गई, जिससे पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है, इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के निजी उत्कृष्ट स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा, जिससे उनके भविष्य को बेहतर दिशा मिलेगी।
श्रमिक दिवस का इतिहास और महत्व
श्रमिक दिवस की शुरुआत हेमार्केट स्क्वायर आंदोलन की याद में हुई थी, जहां श्रमिकों ने 8 घंटे काम की मांग उठाई थी। भारत में इसकी शुरुआत 1923 में चेन्नई से हुई थी, डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम के घंटे 12 से घटाकर 8 घंटे किए और कई महत्वपूर्ण अधिकार दिलाए।
सरकार की योजनाओं से मिल रहा लाभ
राज्य में श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं:
• मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना
• मिनीमाता महतारी जतन योजना
• श्रमिक औजार किट योजना
• श्रमिक आवास सहायता योजना
• शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना
इन योजनाओं के जरिए श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
5 रुपये में भोजन, आवास और रोजगार
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन दिया जा रहा है। वहीं, आवास सहायता राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है। ई-रिक्शा सहायता भी बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करने की तैयारी है।
श्रमिकों के पंजीयन और योजनाओं का विस्तार
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के तहत अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं और हजारों करोड़ रुपये श्रमिकों के कल्याण पर खर्च किए जा चुके हैं, श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के तहत 76 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। वहीं औद्योगिक सुरक्षा के लिए भी अलग बजट निर्धारित किया गया है।
‘हर हाथ को काम’ की दिशा में प्रयास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर हाथ को काम’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार श्रमिकों को रोजगार, सम्मान और बेहतर जीवन देने की दिशा में लगातार काम कर रही है, छत्तीसगढ़ में अब श्रमिक केवल मजदूर नहीं, बल्कि विकास के साझेदार बन रहे हैं। योजनाओं और नीतियों के प्रभाव से उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।


