CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़–राजनांदगांव बने नया बर्ड हॉटस्पॉट, 296 प्रजातियों की ऐतिहासिक खोज
CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ और राजनांदगांव जिले अब देश के उभरते हुए बर्ड हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं। 2019 से 2025 के बीच हुए एक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन में यहां 296 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।

प्रजनन का बना स्थायी केंद्र
अध्ययन में 56 से अधिक पक्षी प्रजातियों के प्रजनन के ठोस प्रमाण मिले हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह क्षेत्र सिर्फ प्रवासी पक्षियों का ठिकाना नहीं, बल्कि उनका स्थायी प्रजनन स्थल भी बन चुका है।

पहली बार दर्ज हुई दुर्लभ प्रजातियां
इस शोध में कई महत्वपूर्ण खोजें सामने आई हैं, जिनमें रिवर टर्न और एशियन ब्राउन फ्लाईकैचर का राज्य में पहली बार प्रजनन दर्ज किया गया। वहीं, सिनेरियस वल्चर की उपस्थिति भी पहली बार देखी गई है।

मोज़ेक इकोसिस्टम बना सबसे बड़ी ताकत
इस क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत इसका “मोज़ेक इकोसिस्टम” है, जहां जंगल, जलाशय, घासभूमि और मानव क्षेत्र एक साथ मौजूद हैं। यही विविधता पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है, बाघनदी, छिंदारी और खातूटोला जैसे जलाशय पक्षियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। वहीं डोंगरगढ़ का वन क्षेत्र भी कई प्रजातियों के प्रजनन के लिए बेहद महत्वपूर्ण पाया गया है।
संरक्षण की सख्त जरूरत
हालांकि, पेड़ों की कटाई, कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग और अवैध शिकार जैसी समस्याएं इस जैव विविधता के लिए खतरा बन रही हैं। विशेषज्ञों ने इसे “कंजर्वेशन रिजर्व” घोषित करने की सिफारिश की है।
स्थानीय पहल से बना बड़ा वैज्ञानिक दस्तावेज
इस शोध की शुरुआत स्थानीय स्तर पर बर्ड वॉचिंग से हुई थी, जो बाद में एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन में बदल गई। यह खैरागढ़–राजनांदगांव का पहला व्यापक बर्ड सर्वे है, खैरागढ़–डोंगरगढ़ अब केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि जैव विविधता, शोध और इको-टूरिज्म का उभरता केंद्र बन चुका है। सही संरक्षण के साथ यह भारत का एक बड़ा पर्यावरणीय मॉडल बन सकता है।
