CG News: दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से बदल गया जीवन, अरविंद हेमला की सफलता की कहानी
CG News: बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद हेमला का बचपन आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों से भरा रहा। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।

अकेलेपन का सबसे बड़ा आघात
अरविंद के पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। कम उम्र में माता-पिता का साया हट जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, जिससे वे अकेले और असहाय महसूस करने लगे, युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों में उलझ गए। यह रास्ता उन्हें भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा था।
जीवन बदलने का दृढ़ संकल्प
समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता सही नहीं है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर जीवन बदलने का निर्णय लिया, पुनर्वास केंद्र बीजापुर में अरविंद को मार्गदर्शन, सहयोग और राज मिस्त्री का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की।
समाज की मुख्यधारा में वापसी
आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं, अरविंद की कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

