CG News: हिंसा छोड़कर पाया सुरक्षित आशियाना और सम्मानजनक जीवन, पवन कुमार की नई शुरुआत
CG News: छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत और पुनर्वास नीति-2025 के तहत मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी देने का कार्य किया है। इस नीति के अंतर्गत माओवादी आत्मसमर्पितों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा रहा है, जिससे नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने साकार हो रहे हैं।

पवन कुमार की कहानी
कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत चिंगनार में रहने वाले श्री पवन कुमार पहले माओवादी संगठन से जुड़े थे। उस समय उनका जीवन कठिन और असुरक्षित था। उनका परिवार जंगल किनारे झोपड़ी और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था।
समय के साथ पवन कुमार ने महसूस किया कि हिंसा केवल विनाश की ओर ले जाती है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया।
विशेष आवास परियोजना से पक्का आशियाना
आत्मसमर्पण के बाद, जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2024-25 में पवन कुमार के लिए विशेष परियोजना आवास स्वीकृत किया। आर्थिक सहायता के चरण:
• प्रथम किश्त: ₹40,000
• द्वितीय किश्त: ₹55,000
• अंतिम किश्त: ₹25,000
इसके अलावा, उन्हें मनरेगा योजना के तहत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सहायता राशि और योजनाओं के माध्यम से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूरा कर लिया।
सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन
शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में सुधार किया और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया।
आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं और बेहतर भविष्य की नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
