CG News: प्रदेश सरकार की नई पहल, शहरी इलाकों में भू-जल संवर्धन के लिए लगेंगे 7 हाईटेक इंजेक्शन वेल
CG News: शहरी क्षेत्रों में लगातार गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने ठोस कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है, पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत शहरों में आधुनिक और इनोवेटिव तकनीक से लैस इंजेक्शन वेल स्थापित किए जाएंगे, इस योजना के अंतर्गत वी-वायर टेक्नोलॉजी आधारित कुल सात इंजेक्शन वेल लगाए जाने प्रस्तावित हैं.
एक यूनिट पर आएगा 6.22 लाख रुपए का खर्च
राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) द्वारा जारी मानक प्राक्कलन के अनुसार, एक इंजेक्शन वेल यूनिट की लागत 6.22 लाख रुपए तय की गई है, इस राशि में इंजेक्शन वेल की स्थापना, तकनीकी कार्य और दो वर्षों का रखरखाव खर्च भी शामिल रहेगा, यह तकनीक वर्षा जल को फिल्टर कर सीधे जमीन में पहुंचाएगी, जिससे बोरवेल और जल स्रोतों का रिचार्ज संभव होगा.
वी-वायर टेक्नोलॉजी से मिलेगा बेहतर परिणाम
अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है कि, वी-वायर टेक्नोलॉजी आधारित इंजेक्शन वेल ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए बेहद प्रभावी हैं, इस प्रणाली से वर्षा जल का अधिकतम उपयोग संभव होगा और गिरते भू-जल स्तर की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, साथ ही, शहरों में बढ़ते पेयजल संकट को कम करने में भी यह तकनीक मददगार साबित होगी.
तीन दिन में भेजना होगा स्थल चयन प्रस्ताव
सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने नगर निगम आयुक्त को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि, तीन दिनों के भीतर इंजेक्शन वेल स्थापना के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन कर प्रस्ताव भेजा जाए, निर्देशों के अनुसार चयनित स्थल पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए और वहां पर्याप्त मात्रा में वर्षा जल का संग्रह संभव होना चाहिए.
एमआईसी संकल्प संलग्न करना अनिवार्य
सूडा ने स्पष्ट किया है कि, प्रस्ताव के साथ महापौर इन काउंसिल (एमआईसी) का संकल्प संलग्न करना अनिवार्य होगा, इसके बाद तकनीकी स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, यह योजना शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में एक अहम और दूरगामी कदम मानी जा रही है.




