CG News: माड़ बचाओ अभियान को मजबूती, जटवर में स्थापित हुआ 2026 का पहला सुरक्षा कैम्प
CG News: नक्सल मुक्त और सशक्त बस्तर की दिशा में नारायणपुर पुलिस द्वारा संचालित माड़ बचाओ अभियान लगातार प्रभावी हो रहा है, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ सड़क, पुल-पुलिया और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं.
जटवर में स्थापित नवीन सुरक्षा कैम्प
9 जनवरी को कोहकामेटा थाना क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र में ग्राम जटवर में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प स्थापित किया गया, यह क्षेत्र पूर्व में नक्सलियों का आश्रय स्थल रहा है, कैम्प की स्थापना का उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती देना और विकास कार्यों को सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ाना है.
ग्रामीणों में सुरक्षा और उत्साह
नवीन कैम्प की स्थापना से ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा और उत्साह का माहौल बना है, इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और स्थानीय नागरिकों के जीवन में सुधार की उम्मीद बढ़ी है.
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान
नवीन कैम्प जटवर, कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है, यह जिला मुख्यालय नारायणपुर से 54 किमी, कोहकामेटा थाना से 26 किमी, कच्चापाल से 17 किमी और कोडनार से 6 किमी की दूरी पर स्थित है, जिससे यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विकास को मिलेगी रफ्तार
कैम्प की स्थापना से कोगाली, वारापिद्दा, वडापेंदा, करकाबेड़ा, गुरगापदर, घमण्डी और जटवर जैसे गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार संभव होगा, अब सुरक्षा निगरानी में विकास कार्य आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचेंगे.
2026 का पहला सुरक्षा कैम्प
कोहकामेटा थाना क्षेत्रांतर्गत माड़ के दूरस्थ अंचल जटवर में यह वर्ष 2026 का पहला सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प है, इसकी स्थापना में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ की 86वीं, 178वीं, 83वीं और 133वीं वाहिनी ने अहम योगदान दिया.
वर्ष 2025 में बने 27 सुरक्षा कैम्प
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में कुल 27 सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प स्थापित किए थे, इनमें कुतुल, कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदिनपार और मन्दोड़ा शामिल हैं.
सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत
माड़ बचाओ अभियान के तहत स्थापित यह नया कैम्प अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के समन्वय का मजबूत उदाहरण बन रहा है, इससे न केवल नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आदिवासी अंचलों तक शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच भी सुनिश्चित होगी.
