CG News: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: छत्तीसगढ़ में सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की नई इबारत
CG News: छत्तीसगढ़ में जब भी सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होते हैं, तो यह केवल विवाह नहीं बल्कि सामाजिक समानता, सम्मान और सुशासन का एक बड़ा उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह पहल तेजी से सामाजिक बदलाव ला रही है।
योजना का उद्देश्य और सोच
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह की आर्थिक चिंता से राहत देना है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को कम करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

50 हजार रुपये की सहायता
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति कन्या विवाह पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसमें आवश्यक सामग्री, उपहार और बैंक ड्राफ्ट के रूप में आर्थिक सहयोग शामिल होता है, जिससे नवदंपति सम्मान के साथ नई शुरुआत कर सकें।
हजारों बेटियों को मिला लाभ
अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3200 विवाहों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हजारों जोड़े पहले ही वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुके हैं।

विविधता और सामाजिक एकता का प्रतीक
सामूहिक विवाह समारोहों में विभिन्न धर्मों और समुदायों के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधते हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का मजबूत उदाहरण बन रहा है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की भूमिका
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में ये आयोजन और अधिक व्यवस्थित और गरिमापूर्ण बनाए गए हैं। सरकार सुनिश्चित कर रही है कि हर जोड़े को सम्मानजनक वातावरण और सभी जरूरी सुविधाएं मिलें।
वर्ल्ड रिकॉर्ड की उपलब्धि
10 फरवरी 2026 को आयोजित एक विशाल सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, जिसने छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। यह आयोजन सामाजिक सहयोग की ऐतिहासिक मिसाल बना।
सुशासन का मानवीय चेहरा
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन, महिला सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना साबित करती है कि सही नीतियों से समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।




