CG News: दुर्ग का ‘जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग मॉडल’, टूटते परिवारों को जोड़ने की अनोखी पहल
CG News: दुर्ग जिले में शुरू हुआ जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग सिस्टम आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। बदलते सामाजिक ढांचे में जहां पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं, वहीं यह मॉडल संवाद के जरिए रिश्तों को बचाने का काम कर रहा है।
हर वर्ग की सुनवाई
सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र अब सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है। यहां पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी बराबरी से सुना जा रहा है, जिससे समाधान अधिक संतुलित और प्रभावी बन रहा है, इस मॉडल की खासियत है, पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। इससे पुरुषों की मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा रहा है, जिससे निष्पक्ष काउंसलिंग संभव हो पाई है।
सीनियर सिटीजन सपोर्ट बेंच
बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष ‘सीनियर सिटीजन सपोर्ट बेंच’ बनाई गई है, जिसमें रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं। यहां बुजुर्गों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना और सुलझाया जा रहा है, अब तक इस केंद्र में करीब 200 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 130 मामलों का सफल समाधान किया जा चुका है। यह दिखाता है कि संवाद आधारित यह मॉडल कितना असरदार साबित हो रहा है।
सरकार और पुलिस का समर्थन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को समय की जरूरत बताया है। वहीं एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, काउंसलिंग के जरिए विवादों को गंभीर होने से पहले ही सुलझाया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर बन रहा उदाहरण
दुर्ग का यह ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल अब देश के लिए एक उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल दिखाती है कि अगर हर पक्ष को सुना जाए, तो बड़े से बड़ा पारिवारिक विवाद भी सुलझाया जा सकता है, यह मॉडल न सिर्फ विवाद कम कर रहा है, बल्कि टूटते परिवारों को फिर से जोड़ने का काम भी कर रहा है, यही इसकी सबसे बड़ी सफलता है।


