CG News: SIR में प्रारूप मतदाता सूची से नाम गायब तो न हों परेशान, पुराने मतदाता भी भर सकते हैं फॉर्म-6, नहीं होगी कार्रवाई
CG News: छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर पुराने मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों का नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन नई प्रारूप सूची में शामिल नहीं है, वे भी अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं. ऐसा करने पर उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

फॉर्म-6 को लेकर दूर किया भ्रम
दरअसल, फॉर्म-6 में पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से संबंधित घोषणा देनी होती है. इसी वजह से पहले से पंजीकृत मतदाताओं के बीच यह आशंका थी कि दोबारा आवेदन करने पर इसे गलत घोषणा माना जा सकता है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है. निर्वाचन आयोग ने इस भ्रम को दूर करते हुए ऐसी आशंका को निराधार बताया है.
पुराने मतदाता भी कर सकते हैं आवेदन
आयोग के अनुसार, यदि किसी नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, तो अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए उसे फॉर्म-6 जमा करना होगा. पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत रहे व्यक्ति का दोबारा आवेदन करना गलत घोषणा नहीं माना जाएगा.
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
निर्वाचन आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए हैं कि केवल इस आधार पर किसी आवेदक के खिलाफ धारा 31 के तहत कार्रवाई न की जाए कि उसका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था. हालांकि, आवेदन करने वाले नागरिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य विधानसभा या संसदीय क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से दर्ज न हो.
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का हवाला
आयोग का यह स्पष्टीकरण दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 को दिए गए फैसले के अनुरूप है. अदालत ने भी इस मामले में गलत घोषणा के आधार पर कार्रवाई किए जाने की आशंका को निराधार माना था, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांच लें. यदि सूची में नाम नहीं मिलता है, तो निर्धारित समय के भीतर फॉर्म-6 भरकर दोबारा पंजीकरण के लिए आवेदन करें, ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल हो सके.

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