CG News: बलरामपुर में नाशपाती के 1700 से ज्यादा पौधे, महिलाओं को मिलेगी जिम्मेदारी
CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड स्थित कोठली गांव में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 1,700 से ज्यादा नाशपाती के पौधे लगाए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार करना है. जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह अभियान अब इलाके के लिए एक नई पहचान बनता जा रहा है.
पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका पर भी जोर
कोठली गांव में एक ही परिसर में बड़े पैमाने पर नाशपाती का बाग विकसित किया जा रहा है. इस परियोजना के जरिए हरियाली बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह बाग फल उत्पादन के माध्यम से स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
इस परियोजना की खास बात यह है कि पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी गांव के महिला स्वयं सहायता समूहों को दी जाएगी. इससे पौधों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा, वहीं महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा. भविष्य में फल उत्पादन से होने वाली आय का लाभ भी स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगा.
जनभागीदारी से सफल हुआ अभियान
वृक्षारोपण अभियान में जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छात्रों ने मिलकर हिस्सा लिया. इस सामूहिक प्रयास ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ सामाजिक सहभागिता का भी मजबूत संदेश दिया.
गांव को मिलेगी नई पहचान
प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में यह नाशपाती का बाग कोठली गांव की नई पहचान बनेगा. फलों के उत्पादन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जबकि हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. यह पहल विकसित भारत के विजन के तहत पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है.



