CG News: महासमुंद में सरकारी कार्यालयों के लिए प्री-पेड बिजली व्यवस्था शुरू, आम उपभोक्ताओं को करना होगा इंतजार
CG News: महासमुंद जिले में एक अगस्त से सरकारी कार्यालयों के लिए प्री-पेड बिजली व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब सभी सरकारी विभागों को बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज कराना होगा. जिले के हजारों सरकारी कनेक्शनों पर करोड़ों रुपए का बकाया है, जिसे देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है. हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल यह सिस्टम शुरू नहीं किया गया है.
सरकारी विभागों को देना होगा एडवांस भुगतान
नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी विभागों को अपने बिजली कनेक्शनों का ग्रुप बनाना होगा, जिसके लिए बिजली कंपनी अलग यूनिक आईडी जारी करेगी. विभागों को तीन महीने का एडवांस बिजली शुल्क जमा करना होगा, तभी बिजली सप्लाई जारी रहेगी. यदि बैलेंस खत्म हो जाता है या भुगतान नहीं किया जाता, तो संबंधित कार्यालयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

26 हजार घरों में अब भी नहीं लगे स्मार्ट मीटर
जिले के करीब 26 हजार घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं. इन उपभोक्ताओं को अभी भी पुराने मीटर के आधार पर बिजली बिल भेजा जा रहा है. बिजली विभाग का कहना है कि सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही आम उपभोक्ताओं के लिए प्री-पेड बिजली व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.
स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल की शिकायत
स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं ने मई और जून के दौरान अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की है. बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर बिजली कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही है. कांग्रेस ने भी स्मार्ट मीटर के विरोध में अभियान चलाने का फैसला किया है.
पंचायतों और विभागों पर सबसे ज्यादा बकाया
बिजली विभाग के अनुसार सबसे अधिक बकाया राशि ग्राम पंचायतों पर है. इसके अलावा नगरीय निकाय, स्वास्थ्य विभाग, रेलवे और अन्य सरकारी संस्थानों के भी बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं. विभाग का मानना है कि प्री-पेड व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली बिल का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा.
धीमी रफ्तार से चल रहा स्मार्ट मीटर अभियान
महासमुंद जोन में स्मार्ट मीटर लगाने का काम अभी भी अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है. डेढ़ साल में केवल करीब 75 प्रतिशत मीटर ही लगाए जा सके हैं, जबकि 25 प्रतिशत घरों में अब भी स्मार्ट मीटर लगना बाकी है. महासमुंद जिले में 2 लाख 18 हजार 492 स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अब तक 1 लाख 92 हजार 242 मीटर लगाए जा चुके हैं. वहीं गरियाबंद जिले को शामिल करने पर कुल लक्ष्य 3 लाख 13 हजार 565 मीटर का है, जिनमें से 2 लाख 70 हजार 163 मीटर लगाए जा चुके हैं.




