CG News: सरगुजा की चंपा पात्र की बदली जिंदगी, धुएं और लकड़ी की मशक्कत से मिली बड़ी राहत
CG News: छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण अंचलों की महिलाओं की दैनिक दिनचर्या को सुगम बना दिया है, सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सकोला की रहने वाली चंपा पात्र की कहानी इस बदलाव की एक जीवंत मिसाल है, गैस कनेक्शन मिलने से उनके परिवार की रसोई का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है.
गीली लकड़ी और धुएं की परेशानी से मिली स्थाई मुक्ति
चंपा पात्र बताती हैं कि पहले उनके घर में भोजन पूरी तरह से पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे पर बनता था, विशेषकर बारिश और नमी के मौसम में गीली लकड़ी के कारण चूल्हा जलाना बेहद कठिन हो जाता था, बार-बार चूल्हे को फूंकने से निकलने वाले धुएं के कारण आंखों में जलन और आंसू आते थे, अब एलपीजी गैस कनेक्शन मिलने से धुआं और चूल्हा सुलगाने की दैनिक मशक्कत हमेशा के लिए समाप्त हो गई है.
समय की बचत
गैस कनेक्शन मिलने का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आया है, सुबह के समय बच्चों को बिना किसी देरी के समय पर स्कूल भेजना हो या खुद काम के लिए निकलना हो, भोजन अब बहुत कम समय में तैयार हो जाता है, रसोई के काम जल्दी निपट जाने से चंपा अब अपने परिवार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पर्याप्त समय निकाल पा रही हैं.
अचानक आए मेहमानों के स्वागत में भी मिली सहूलियत
पारंपरिक चूल्हे के समय अचानक मेहमान आ जाने पर लकड़ी एकत्र करने और चूल्हा जलाने में काफी समय लग जाता था, जिससे भोजन बनने में देरी होती थी, अब गैस चूल्हा होने की वजह से अचानक मेहमान आने पर भी बिना किसी इंतजार के तुरंत चाय और भोजन तैयार हो जाता है, इससे रोजमर्रा के घरेलू प्रबंधन में महिलाओं को काफी मानसिक व शारीरिक राहत मिली है.
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
धुएं से राहत और समय की बचत के लिए चंपा पात्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है, उनकी यह ‘सेवा की कहानी’ दर्शाती है कि उज्ज्वला योजना केवल एक ईंधन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.


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