CG News: हिमालय के स्फटिक से बना शिवलिंग, सावन सोमवार पर स्फटिकेश्वर महादेव धाम में विशेष अभिषेक
CG News: बिलासपुर में सावन सोमवार के अवसर पर भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं. सरकंडा के नूतन चौक स्थित साईं मंदिर परिसर में बने स्फटिकेश्वर महादेव धाम में विशेष पूजा, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे. सावन शुरू होने के साथ ही यहां भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है.
स्फटिक शिवलिंग है मंदिर की खास पहचान
स्फटिकेश्वर महादेव धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित स्फटिक शिवलिंग है. मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह करीब डेढ़ फीट ऊंचा शिवलिंग है, जिसे हिमालय क्षेत्र से प्राप्त स्फटिक पत्थर से तैयार कराया गया है. इसकी नक्काशी और अंतिम स्वरूप देने का काम जयपुर में कराया गया है. पारदर्शी और चमकदार स्वरूप के कारण यह शिवलिंग श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

पहला सार्वजनिक स्फटिक शिवलिंग मंदिर होने का दावा
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि स्फटिकेश्वर महादेव धाम छत्तीसगढ़ का पहला सार्वजनिक स्फटिक शिवलिंग मंदिर है. वहीं, मंदिर निर्माण से जुड़े अमित तिवारी के अनुसार इसे देश का सातवां सार्वजनिक स्फटिक शिवलिंग मंदिर होने का भी दावा किया जाता है. हालांकि, इन दावों का आधिकारिक स्वतंत्र सत्यापन अलग से उपलब्ध नहीं है.
स्फटिक शिवलिंग को लेकर क्या है आस्था
सनातन धार्मिक परंपरा में स्फटिक को शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है. श्रद्धालुओं के बीच स्फटिक शिवलिंग को भगवान शिव के विशेष स्वरूप के तौर पर पूजा जाता है. यहां आने वाले भक्त जलाभिषेक, पूजा और मंत्र जाप के जरिए आध्यात्मिक शांति की अनुभूति करने की बात कहते हैं. मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों के साथ ध्यान और साधना के लिए भी शांत वातावरण उपलब्ध है.
सावन सोमवार पर बढ़ेगी भक्तों की भीड़
सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा का आयोजन होता है. स्फटिकेश्वर महादेव धाम में भी सावन के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है. सावन सोमवार पर विशेष अभिषेक और पूजा होने के कारण यहां बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है.
मंदिर की स्थापना को ईश्वरीय प्रेरणा से जोड़ते हैं अमित तिवारी
स्फटिकेश्वर महादेव धाम के निर्माण से जुड़े अमित तिवारी मंदिर की स्थापना को ईश्वरीय प्रेरणा से जोड़ते हैं. उनका कहना है कि किसी धार्मिक स्थल का निर्माण केवल व्यक्ति की इच्छा से नहीं होता, बल्कि भगवान किसी न किसी व्यक्ति को अपना माध्यम बनाते हैं. वे इस कार्य को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय भगवान की सेवा का अवसर मानते हैं.
बिलासपुर से पूरे छत्तीसगढ़ तक पहचान बनाने की तैयारी
मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, आने वाले समय में स्फटिकेश्वर महादेव धाम को बिलासपुर के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है. श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने और धार्मिक गतिविधियों को विस्तार देने की योजना पर भी काम चल रहा है. उद्देश्य है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले भक्त यहां आसानी से पूजा और दर्शन कर सकें.
सावन सोमवार पर खास होगा धार्मिक आयोजन
सावन सोमवार को स्फटिकेश्वर महादेव धाम में विशेष पूजा और अभिषेक किया जाएगा. सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है. हिमालय से प्राप्त स्फटिक पत्थर से तैयार शिवलिंग, जयपुर में हुई इसकी नक्काशी और मंदिर से जुड़ी आस्था की कहानी इस धाम को बिलासपुर के अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है




