CG News: 5 साल तक पैदल घूमे पूरा भारत, 28 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा के बाद गांव लौटा छत्तीसगढ़ का सौरभ
CG News: कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो मुश्किल रास्ते भी मंजिल तक पहुंचा देते हैं, छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के ग्राम जारा निवासी सौरभ देवांगन ने अपने जुनून और हौसले से कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है, देश भ्रमण का सपना लेकर निकले सौरभ ने करीब पांच साल तक पैदल यात्रा की और 28 राज्यों के साथ 5 केंद्र शासित प्रदेशों का सफर पूरा किया, लंबे इंतजार के बाद जब वे अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, डीजे और जुलूस के साथ उनका जोरदार स्वागत किया.

कोरोना काल में लिया था भारत भ्रमण का संकल्प
साल 2021 में कोरोना महामारी के बीच जब देशभर में अनिश्चितता का माहौल था, उस समय सौरभ ने पैदल पूरे भारत की यात्रा करने का फैसला किया, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने करीब तीन महीने तक तैयारी की और यात्रा के रास्तों तथा संभावित चुनौतियों पर विचार किया, शुरुआत में उनके माता-पिता बेटे के इस फैसले को लेकर चिंतित थे, लेकिन सौरभ के दृढ़ निश्चय को देखते हुए परिवार ने आखिरकार उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दे दी.
रायपुर के मरीन ड्राइव से शुरू हुई यात्रा
सौरभ देवांगन ने 7 अक्टूबर 2021 को रायपुर के मरीन ड्राइव से अपने सफर की शुरुआत की, इसके बाद वे अलग-अलग राज्यों, शहरों और क्षेत्रों से गुजरते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे, पांच साल तक पैदल यात्रा करना उनके लिए शारीरिक मेहनत के साथ धैर्य और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा रहा, इस दौरान उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, परंपराओं और रहन-सहन को करीब से जानने का अवसर मिला.

घर वापसी पर 6 किलोमीटर दूर तक पहुंच गए ग्रामीण
पांच साल बाद सौरभ के गांव लौटने की खबर मिलते ही ग्राम जारा में उत्साह का माहौल बन गया, परिवार के सदस्यों, दोस्तों और ग्रामीणों ने उनकी अगवानी की तैयारी की, बताया गया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें लेने के लिए करीब 6 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे तक पहुंच गए, सौरभ के पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ स्वागत किया गया, ग्रामीणों ने उन्हें कंधों पर उठाया और जुलूस के रूप में गांव तक लेकर पहुंचे, लंबे समय बाद अपने लाडले को वापस देखकर पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा.
मुख्यमंत्री साय ने भी किया स्वागत
देश के विभिन्न हिस्सों की पैदल यात्रा पूरी कर लौटे सौरभ देवांगन का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी स्वागत किया, उनकी इस यात्रा को लेकर परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों में उत्साह है, सौरभ का अनुभव उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है, जो किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं, उनकी यात्रा ने यह दिखाया कि लंबे समय तक किसी उद्देश्य के प्रति समर्पित रहने के लिए धैर्य और निरंतर प्रयास की जरूरत होती है.
बेटे की वापसी पर भावुक हुए माता-पिता
सौरभ के माता-पिता के लिए बेटे की घर वापसी बेहद भावुक पल रहा, पांच साल तक घर से दूर रहने के दौरान उन्हें उसकी सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी, बेटे को सकुशल लौटता देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, सौरभ के पिता ने भावुक होकर कहा कि वे खुद तीर्थयात्रा पर नहीं जा सके, लेकिन बेटे की लंबी यात्रा और उसकी सकुशल वापसी देखकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ, मानो उनका बेटा तीर्थयात्रा करके लौटा हो और वे भी इस पुण्य अनुभव के सहभागी बन गए हों.
दोस्तों ने भी बताया गर्व का पल
सौरभ के दोस्तों के लिए भी उनकी घर वापसी यादगार रही, उनका कहना है कि बड़ा सपना देखना आसान हो सकता है, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में अपने लक्ष्य पर टिके रहना बड़ी बात है, दोस्तों ने यात्रा के दौरान समय-समय पर सौरभ का हौसला बढ़ाया और सहयोग किया, पांच साल के लंबे सफर के बाद अपने लोगों के बीच लौटना उनके लिए इस यात्रा का सबसे भावुक पड़ाव बन गया.
पांच साल के सफर ने दी यादगार सीख
7 अक्टूबर 2021 को रायपुर से शुरू हुआ सौरभ का पैदल भारत भ्रमण पांच साल बाद घर वापसी के साथ एक खास मुकाम पर पहुंचा, इस दौरान उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों को देखा और अनेक परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन इस लंबे सफर का सबसे यादगार पल अपने माता-पिता, दोस्तों और गांव के लोगों से दोबारा मिलना रहा, सौरभ की कहानी संकल्प, धैर्य और लगातार प्रयास की अहमियत को सामने लाती है, उनकी यह यात्रा अब ग्राम जारा के लोगों के लिए गर्व और खुशी की वजह बन गई है.

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