CG News: छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, बिलासपुर स्पोर्ट्स सेंटर की क्षमता 300 होगी
CG News: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की कार्ययोजना पर जोर दिया जा रहा है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर दिए जाएं, सरकार का लक्ष्य प्रतिभा की पहचान से लेकर उच्चस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने तक एक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना है.

स्कूलों से मजबूत होगी खेल संस्कृति
मुख्यमंत्री ने स्कूल स्तर से ही बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया है, उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में भी मदद करते हैं, इसके लिए स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है, उद्देश्य यह है कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार खेल चुनने तथा आगे बढ़ने का अवसर मिले.
फीडर सेंटर से उत्कृष्टता केंद्र तक तैयार होगा नेटवर्क
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करने के लिए फीडर सेंटर विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई है, इन केंद्रों पर खिलाड़ियों को शुरुआती प्रशिक्षण दिया जाएगा, बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे खेल अकादमियों, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जोड़ा जाएगा, इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से लेकर उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं तक लगातार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.
कोचिंग के साथ पोषण और स्पोर्ट्स साइंस पर भी जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अलग-अलग खेलों की संभावनाओं के अनुसार विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, फिटनेस ट्रेनिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग, चोट से बचाव और पुनर्वास जैसी सुविधाओं को भी प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने पर विचार किया गया है, इससे खिलाड़ियों को केवल खेल अभ्यास ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक तैयारी में भी मदद मिल सकेगी.
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बिलासपुर स्पोर्ट्स सेंटर में 165 से बढ़कर 300 खिलाड़ी रह सकेंगे
बैठक में बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के विस्तार की योजना की समीक्षा की गई, इसके तहत आवासीय खिलाड़ियों की क्षमता मौजूदा 165 से बढ़ाकर 300 करने और यहां संचालित खेल विधाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव है, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पहले से मौजूद स्टेडियमों, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, साथ ही खेल अधोसंरचनाओं के नियमित रखरखाव और जरूरत के अनुसार उन्नयन पर जोर दिया गया.

टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से मिलेगा प्रतिस्पर्धा का मौका
खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रदर्शन सुधारने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं से जोड़ने की योजना भी मिशन का हिस्सा है, बैठक में टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के माध्यम से विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा हुई, इन प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों पर भी रहेगा विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए, महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, वहीं पैरा स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई, इसका उद्देश्य खेलों में अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है.
पांच साल की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए अगले पांच वर्षों की स्पष्ट और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने को कहा है, बैठक में वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर भी चर्चा हुई, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन सहित संबंधित विभागों के सहयोग से खेल सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है, बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता है, सरकार की योजना इस क्षमता को सही प्रशिक्षण और अवसरों से जोड़ने की है, अब मिशन की कार्ययोजना, प्रशिक्षण केंद्रों के विकास और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी.


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