CG News: SAIL CMD डॉ. अशोक कुमार पंडा का छत्तीसगढ़ दौरा, BSP विस्तार और रावघाट माइंस पर हुई अहम चर्चा
CG News: SAIL के CMD डॉ. अशोक कुमार पंडा ने अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की. बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आगामी विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. CMD ने संयंत्र की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से सहयोग और आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराने का आग्रह किया. बैठक में BSP के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

रावघाट खदानों का किया निरीक्षण
प्रवास के दौरान डॉ. पंडा ने भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ी रावघाट खदानों का दौरा किया और वहां चल रही खनन गतिविधियों की प्रगति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली. CMD ने रावघाट क्षेत्र में पूर्ण क्षमता के साथ खनन शुरू करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
प्रोजेक्ट विहान का हुआ उद्घाटन
डॉ. अशोक कुमार पंडा ने SAIL की ERP आधुनिकीकरण पहल ‘प्रोजेक्ट विहान’ का भी उद्घाटन किया. इस दौरान निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन पवन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. परियोजना को कंपनी की कार्यप्रणाली को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा
रायपुर प्रवास के दौरान CMD ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा मुख्यमंत्री के सचिव और वित्त सचिव मुकेश कुमार बंसल से भी मुलाकात की. इन बैठकों में भिलाई इस्पात संयंत्र, खनन और राज्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया.
रावघाट परियोजना और रेल कनेक्टिविटी पर जोर
समीक्षा बैठक में डॉ. पंडा ने BSP के शीर्ष प्रबंधन के साथ संयंत्र के प्रदर्शन और प्रमुख गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने रावघाट माइंस परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की. CMD ने रावघाट में खनन कार्य को जल्द पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने के साथ दल्ली राजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना को गति देने की जरूरत बताई. इन योजनाओं को भिलाई इस्पात संयंत्र के भविष्य के विस्तार और कच्चे माल की आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

