CG News: किसानों के लिए बदली खेती की तस्वीर, खाद-बीज से लेकर डिजिटल सेवाओं तक बड़ा बदलाव
CG News: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को लेकर सरकार ने अपनी उपलब्धियां सामने रखी हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों के दौरान खेती को आधुनिक, तकनीक आधारित और किसान केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है. कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में किसानों को बेहतर कृषि आदान, पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं.

खरीफ सीजन में बोनी और खाद की उपलब्धता
खरीफ 2026 में प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया था. 11 अगस्त तक 45.62 लाख हेक्टेयर यानी करीब 94 प्रतिशत क्षेत्र में बोनी पूरी होने की जानकारी दी गई है. किसानों को अब तक 11.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 4.55 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए हैं. वहीं 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 15.83 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, ताकि किसानों को कमी का सामना न करना पड़े.

नकली खाद पर कार्रवाई हुई तेज
कृषि विभाग ने अमानक और नकली उर्वरकों के खिलाफ भी कार्रवाई बढ़ाई है. विभाग के अनुसार, 2025 की तुलना में 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई 44 से बढ़कर 493 मामलों तक पहुंची. इस दौरान 107 जब्ती, 106 लाइसेंस निलंबन, 15 लाइसेंस निरस्तीकरण और 189 विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई. इसके अलावा 65 न्यायालयीन प्रकरण दर्ज हुए और पहली बार 11 एफआईआर भी दर्ज की गईं. सरकार का दावा है कि इन कदमों से खाद की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी मजबूत हुई है.
किसानों को सीधे मिल रही आर्थिक सहायता
कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक करीब 25.52 लाख किसानों को DBT के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता मिलने की जानकारी दी गई है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत भी 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली. इसके साथ एग्रीस्टैक, ई-केवाईसी और डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
मशीनों और सिंचाई से बढ़ी आधुनिक खेती
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत करीब 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार हुआ है. वहीं 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का दावा किया गया है. उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन में भी विस्तार हुआ है, जबकि कृषि विपणन के लिए 21 मंडियां ई-नाम से जुड़ी हैं. सरकार के मुताबिक, इन पहलों से छत्तीसगढ़ की खेती को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है.
