CG News: दिसंबर 2026 तक शुरू हो सकता है रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, अब सफर होगा आसान
CG News: देश में बन रहे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शामिल है. करीब 465 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़ के बस्तर, कांकेर और कोंडागांव से होकर ओडिशा के नवरंगपुर और कोरापुट तक पहुंचेगा. इसके बाद यह आंध्र प्रदेश से गुजरते हुए विशाखापट्टनम पोर्ट से जुड़ेगा.

मध्य भारत को मिलेगा समुद्री मार्ग
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसका 6 लेन का हाईस्पीड नेटवर्क है. इसके तैयार होने के बाद रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच सीधा और तेज मार्ग उपलब्ध होगा. इससे यात्रियों के साथ-साथ कारोबार और माल ढुलाई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. यह कॉरिडोर मध्य भारत को समुद्री तट और बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है.
दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य
करीब 16,482 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत 19 से अधिक पैकेज में किया जा रहा है. परियोजना का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा होने की बात सामने आई है. फिलहाल छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग का काम जारी है और पूरे कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
12-14 घंटे का सफर 5-6 घंटे में
फिलहाल रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी करीब 597 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से सफर पूरा करने में 12 से 14 घंटे तक लग सकते हैं. कॉरिडोर के तैयार होने के बाद यात्रा का समय घटकर करीब 5 से 6 घंटे रहने की उम्मीद है. कोंडागांव और कांकेर के बीच करीब 2.83 किलोमीटर लंबी 6 लेन ट्विन टनल भी इस परियोजना के प्रमुख हिस्सों में शामिल है.
दिल्ली, आगरा और ग्वालियर से कनेक्टिविटी
रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर का प्रभाव केवल छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा. यह राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के जरिए देश के उत्तर और मध्य हिस्सों से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. NH-30, NH-34, NH-539, NH-44 सहित यमुना एक्सप्रेसवे और ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव के जरिए रायपुर और विशाखापट्टनम का संपर्क दिल्ली, आगरा और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों तक बेहतर होने की उम्मीद है.
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