CG News: सूरजपुर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ, पुनीता ने बताया कैसे मिली ₹5 हजार की आर्थिक मदद
CG News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों और सेवा संकल्प अभियान के दौरान सूरजपुर की पुनीता राजवाड़े ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिले लाभ का अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान सरकार से मिली कुल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई. इस राशि का इस्तेमाल उन्होंने पोषण आहार, जरूरी सामान और गर्भावस्था से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया. पुनीता के मुताबिक, जरूरत के समय मिली इस मदद से परिवार को आर्थिक राहत मिली.

दो किस्तों में मिली योजना की राशि
पुनीता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें पहली किस्त के रूप में 3 हजार रुपये मिले थे. इस राशि से उन्होंने अपने पोषण और रोजमर्रा की जरूरी जरूरतों को पूरा किया. इसके बाद उन्हें 2 हजार रुपये की दूसरी किस्त प्राप्त हुई, जिसका उपयोग बच्चे के जन्म के बाद उसकी देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं में किया गया. उन्होंने कहा कि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में मिली आर्थिक सहायता से उनकी और बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में परिवार को मदद मिली.
सीधे बैंक खाते में पहुंची राशि
पुनीता के अनुसार, योजना की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से लाभ लेने की प्रक्रिया आसान रही. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि मिलने के कारण उन्हें किसी अतिरिक्त प्रक्रिया या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था और नवजात बच्चे की देखभाल के दौरान कई तरह के खर्च सामने आते हैं. ऐसे समय में सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने परिवार को इन जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया और पोषण तथा देखभाल से जुड़े खर्चों में राहत मिली.
सूरजपुर में 3206 महिलाओं को मिला लाभ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसका उद्देश्य गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान महिलाओं की पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में सहयोग करना है. सूरजपुर जिले में अब तक 3 हजार 206 गर्भवती माताओं को योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है. पात्र महिलाओं को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
मातृत्व के दौरान परिवार को मिला सहारा
पुनीता राजवाड़े की कहानी योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता के उपयोग का एक उदाहरण सामने रखती है. गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसकी शुरुआती देखभाल तक परिवार के सामने कई जरूरी खर्च होते हैं. पुनीता ने बताया कि योजना के तहत मिली 5 हजार रुपये की सहायता का इस्तेमाल उन्होंने अपनी और बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में किया. उनके अनुभव के मुताबिक, समय पर मिली यह आर्थिक मदद मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में परिवार के लिए उपयोगी सहारा बनी.

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