CG News: छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों की धरोहर होगी संरक्षित, ‘रियासत वीथिका’ बनाने की तैयारी
CG News: छत्तीसगढ़ का इतिहास केवल राज्य गठन के 25 वर्षों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां सदियों पुरानी रियासतों की समृद्ध विरासत भी मौजूद है. इसी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एक अहम पहल करने जा रहा है. प्रदेश में जल्द ही ‘रियासत वीथिका’ विकसित करने की योजना है, जहां राज्य की 14 रियासतों के इतिहास, संस्कृति और शौर्यगाथाओं को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया जाएगा.

राज परिवारों के वंशजों से किया जा रहा संपर्क
इस परियोजना को लेकर पर्यटन मंडल ने शुरुआती तैयारियां शुरू कर दी हैं. अधिकारियों की ओर से सभी 14 रियासतों के राज परिवारों के वंशजों से संपर्क किया गया है. उनसे इस योजना को लेकर सुझाव मांगे गए हैं और निजी संग्रह में मौजूद ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित करने के लिए सहयोग की अपील की गई है. जानकारी के मुताबिक, कुछ वंशजों ने अपने संग्रह की वस्तुएं प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध कराने पर सहमति भी जताई है.
रियासत वीथिका में दिखेंगी ऐतिहासिक धरोहरें
योजना के तहत रियासत वीथिका को एक स्थायी गैलरी के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें प्रत्येक रियासत के इतिहास और विरासत को दर्शाने के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए जाएंगे. यहां राज परिवारों के राजचिह्न, शाही ध्वज, तलवारें, ढाल, भाले, दुर्लभ तस्वीरें, पुराने दस्तावेज, शाही पोशाकें, आभूषण और रियासतकालीन सिक्के प्रदर्शित किए जा सकते हैं. इससे पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक परंपराओं और रियासतों की विशिष्ट पहचान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा.

महलों और किलों को हेरिटेज टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी
पर्यटन विकास की यह योजना केवल गैलरी तक सीमित नहीं रहेगी. प्रदेश के ऐतिहासिक महलों, किलों और गढ़ों को भी हेरिटेज टूरिज्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है. इनमें से कुछ ऐतिहासिक इमारतों को हेरिटेज होटल और होमस्टे के रूप में बदलने की योजना है, ताकि पर्यटक इन स्थानों पर ठहरकर रियासतकालीन जीवनशैली का अनुभव कर सकें. इस पहल से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
इन 14 रियासतों की विरासत को मिलेगा मंच
छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक रूप से बस्तर, कांकेर, नंदगांव, खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा, रायगढ़, सारंगढ़, जशपुर, उदयपुर, कोरिया, चांगभखार, सक्ती और सरगुजा जैसी 14 रियासतें रही हैं. इन सभी की अपनी प्रशासनिक व्यवस्था, सांस्कृतिक परंपराएं और ऐतिहासिक पहचान थी. रियासत वीथिका के माध्यम से इनकी विरासत को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करने की योजना है. पर्यटन मंडल को उम्मीद है कि इस पहल से ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने, दोनों में मदद मिलेगी.


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