CG News: छत्तीसगढ़ में पर्यटन से रोजगार की नई राह, गांवों से युवाओं तक बढ़ रहे अवसर
CG News: छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती, जंगल, झरने, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थल अब पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को विकास और रोजगार के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में आगे बढ़ा रही है, पर्यटन को औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में शामिल किए जाने से होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट, परिवहन, गाइड और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं.

बढ़ते पर्यटकों से स्थानीय कारोबार को फायदा
छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार घरेलू पर्यटक यात्राएं 2021 में करीब 47 लाख से बढ़कर 2025 में 3 करोड़ 33 लाख से अधिक हो गईं. पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन, टूर गाइड और क्षेत्रीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिसका सीधा लाभ छोटे कारोबारियों और स्थानीय युवाओं को मिल सकता है.

बस्तर और धुड़मारास बना ग्रामीण पर्यटन का उदाहरण
बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत पर्यटन के नए मॉडल के रूप में उभर रही है, चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कुटुमसर जैसे स्थानों के साथ ग्रामीण और जनजातीय पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है. धुड़मारास गांव को 2024 में संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन के Best Tourism Villages Upgrade Programme के लिए चुने गए 20 गांवों में जगह मिली, होम-स्टे, स्थानीय भोजन, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों के जरिए गांव के लोगों के लिए आय के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं.

होम-स्टे और कौशल विकास से युवाओं को अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे पर्यटन परिवारों को सीधे पर्यटन कारोबार से जोड़ने का माध्यम बन रहा है, छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति और 2026-27 के बजट में इसके लिए किए गए प्रावधानों से इस क्षेत्र को बढ़ावा देने की कोशिश है. वहीं होटल मैनेजमेंट, फूड सर्विस, ड्राइविंग, टूर गाइड, डिजिटल मार्केटिंग और फोटोग्राफी जैसे प्रशिक्षण युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार तैयार कर सकते हैं, इससे नौकरी के साथ स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
भोरमदेव से मैनपाट और जशपुर तक विस्तार
पर्यटन विकास का दायरा अब बस्तर तक सीमित नहीं है, भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर, मैनपाट, जशपुर और प्रदेश के अन्य प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. बेहतर सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने पर स्थानीय होटल, दुकान, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं को बड़ा बाजार मिल सकता है, सरकार की कोशिश है कि पर्यटन की बढ़ती गतिविधियों से युवाओं, महिलाओं, कलाकारों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को जोड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाए जाएं.
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