CG News: आंचल वर्मा और शीतल बैस को मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार, नवाचार से शिक्षा में बनाई पहचान
CG News: बेमेतरा जिले के लिए शिक्षक दिवस इस बार खास होने जा रहा है, 5 सितंबर को राजधानी रायपुर के लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में जिले की दो शिक्षिकाओं को प्रतिष्ठित राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. शासकीय प्राथमिक शाला कंतेली की आंचल वर्मा और शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा की शीतल बैस का चयन शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवाचारी कार्यों के लिए किया गया है, दोनों शिक्षिकाओं ने गतिविधि आधारित शिक्षा के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने का प्रयास किया है.

आंचल वर्मा ने TLM के जरिए बनाया अलग मुकाम
शिक्षिका आंचल वर्मा शिक्षा को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हुए बच्चों के लिए लगातार नए प्रयोग करती रही हैं, उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और गणित को आसान बनाने के लिए कई उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार की. उपसर्ग-प्रत्यय, कैलेंडर चक्र, चक्र घुमाओ, विलोम शब्द मिलान, भूल भुलैया और कैरम बोर्ड आधारित TLM बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हुए, उनके कैरम बोर्ड आधारित नवाचार को राज्य स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ पुस्तक में भी स्थान मिला है.
कोरोना काल में भी जारी रखी बच्चों की पढ़ाई
कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं, तब आंचल वर्मा ने पढ़ई तुहर द्वार कार्यक्रम के तहत मोहल्ला कक्षाएं संचालित कर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी. दीवार लेखन और अन्य गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा, वहीं अपने नवाचारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब के जरिए साझा किया, जिससे प्रदेश के अन्य शिक्षक और विद्यार्थी भी उनके प्रयोगों से लाभान्वित हुए, उन्हें अलग-अलग शैक्षिक और सामाजिक संस्थाओं से कई सम्मान मिल चुके हैं.
शीतल बैस ने नवाचार और बहुभाषी शिक्षा में बनाई पहचान
शिक्षिका शीतल बैस ने भी कोरोना काल में ऑनलाइन और मोहल्ला कक्षाओं के जरिए बच्चों की पढ़ाई को लगातार आगे बढ़ाया, उनके नवाचारी प्रयासों को छत्तीसगढ़ के हमारे नायक कार्यक्रम में दो बार स्थान मिल चुका है. उन्होंने खिलौना पेडागॉजी, खेल गतिविधियों, योग, कविता, कहानी, गीत, प्रोजेक्ट वर्क, कबाड़ से जुगाड़, प्रिंट रिच वातावरण, खिलौना कॉर्नर और लीफ आर्ट जैसी गतिविधियों को शिक्षण से जोड़ा, साथ ही हिंदी से छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद और कहानी लेखन जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई.
राज्य स्तर पर योगदान के लिए मिलेगा सम्मान
शीतल बैस ने जिला और विकासखंड स्तर के साथ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर और राज्य स्रोत व्यक्ति के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है, बहुभाषी शिक्षण, पठन अभियान, भाषा उत्सव, समर कैंप और विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. पुणे में आयोजित G-20 कार्यक्रम में भी उन्होंने सहभागिता की, शिक्षा के क्षेत्र में दोनों शिक्षिकाओं के लगातार योगदान को देखते हुए वर्ष 2026 के राज्य शिक्षक अलंकरण के लिए उनका चयन किया गया है, 5 सितंबर को राज्यपाल पुरस्कार मिलने से बेमेतरा जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है.
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