CG News: मांदागिरी में मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली, धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन की भी अपार संभावनाएं
CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल नगरी, यानी सिहावा क्षेत्र में मेचका स्थित मांदागिरी पर्वत प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है. मेचका गांव के पास मेखलाकार पहाड़ी पर स्थित मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली श्रद्धा, अध्यात्म और प्रकृति के संगम के रूप में जानी जाती है. नगरी से करीब 27 किलोमीटर पूर्व स्थित यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है. सिहावा-नगरी क्षेत्र प्राचीन समय से ऋषि-मुनियों की तपोभूमि के रूप में भी प्रसिद्ध रहा है.

मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मुचुकुंद महाराज इक्ष्वाकु वंश के प्रतापी राजा मांधाता के पुत्र थे. उन्होंने देवताओं की सहायता के लिए असुरों के विरुद्ध लंबे समय तक युद्ध किया था. युद्ध के बाद विश्राम के लिए उन्हें देवताओं से वरदान प्राप्त हुआ. इसी से जुड़ी अनेक पौराणिक कथाओं में मुचुकुंद ऋषि की तपस्या और आध्यात्मिक शक्ति का उल्लेख मिलता है. सिहावा क्षेत्र की सप्तऋषियों की तपस्थली से जुड़ी मान्यताएं भी यहां की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को और समृद्ध करती हैं.

पहाड़ी से दिखता है सोंढूर जलाशय
मांदागिरी पर्वत पर स्थित आश्रम और उसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को आकर्षित करता है. यहां सुंदर तालाब, प्राचीन मूर्तियां और माता सीता सहित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं. स्थानीय वनवासी समुदाय के साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगते हैं. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां ट्रेकिंग की भी संभावना है, जबकि ऊंचाई से आसपास का वनांचल और सोंढूर जलाशय का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है.
कलेक्टर करेंगे स्थल का निरीक्षण
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि मांदागिरी में मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली धमतरी की समृद्ध आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. धार्मिक मान्यताओं, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए इस स्थल का समग्र विकास किया जा सकता है. कलेक्टर जल्द ही टीम के साथ मांदागिरी का भ्रमण कर वर्तमान स्थिति और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा.
ट्रेकिंग और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मांदागिरी पर्वत पर ट्रेकिंग के साथ सोंढूर डेम की खूबसूरती का आनंद भी लिया जा सकता है. क्षेत्र में सुविधाओं का सुव्यवस्थित विकास होने पर यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ प्रकृति और ट्रेकिंग आधारित पर्यटन के लिए भी नई पहचान बना सकता है. पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय समुदाय की सहभागिता मजबूत होगी, वहीं वनांचल क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है.
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