CG News: गृह निर्माण मंडल ने 32 महीने में बेचीं 7,650 संपत्तियां, वार्षिक औसत बिक्री में 84% की बढ़ोतरी
CG News: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने संपत्ति विक्रय के मामले में उल्लेखनीय आंकड़ा दर्ज किया है. वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक 2 वर्ष 8 महीने की अवधि में मंडल ने कुल 7,650 संपत्तियां बेची हैं. इस दौरान संपत्ति बिक्री का वार्षिक औसत करीब 2,869 संपत्ति रहा. वहीं वर्ष 2019 से 2023 के बीच पांच वर्षों में कुल 7,793 संपत्तियां बिकी थीं, जिसका वार्षिक औसत लगभग 1,559 था. इस तुलना में वर्तमान अवधि का वार्षिक औसत करीब 84 प्रतिशत अधिक है.

संपत्ति बिक्री का मूल्य भी बढ़ा
मंडल की उपलब्धि केवल संपत्तियों की संख्या तक सीमित नहीं है. वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक कुल 1,609.18 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय किया गया. इस अवधि में सालाना औसत बिक्री मूल्य लगभग 603 करोड़ रुपये रहा. जबकि 2019 से 2023 के बीच पांच वर्षों में 1,362.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां बिकी थीं और वार्षिक औसत करीब 272.44 करोड़ रुपये था. यानी वर्तमान अवधि में सालाना औसत विक्रय मूल्य दो गुने से भी अधिक हो गया है.
OTS-2 से 1,584 मामलों का हुआ निराकरण
मंडल की बकाया संपत्तियों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए लागू की गई वन टाइम सेटलमेंट-2 यानी OTS-2 योजना से भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा हुआ है. 1 मार्च 2025 से अब तक इस योजना के तहत 1,584 संपत्तियों का विक्रय और निराकरण किया गया है. इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 238.67 करोड़ रुपये बताया गया है. योजना के जरिए लंबे समय से लंबित देनदारियों के समाधान का अवसर हितग्राहियों को मिला है.
पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित व्यवस्था पर जोर
मंडल के मुताबिक संपत्ति विक्रय में तेजी के पीछे संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के साथ प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया गया है. आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग, स्थान और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए बिक्री व्यवस्था को गति देने का प्रयास किया गया. इसके साथ ही लंबित मामलों के निराकरण और हितग्राहियों को राहत देने पर भी फोकस किया गया है. राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में इस दिशा में काम किया जा रहा है.
कम समय में पांच साल के करीब पहुंचा बिक्री आंकड़ा
आंकड़ों की तुलना करें तो 2019 से 2023 के पांच साल में 7,793 संपत्तियां बिकी थीं, जबकि 2024 से अगस्त 2026 तक सिर्फ 32 महीनों में 7,650 संपत्तियों का विक्रय हो चुका है. इसी तरह पांच साल में 1,362.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां बिकी थीं, जबकि मौजूदा 32 महीने की अवधि में यह आंकड़ा 1,609.18 करोड़ रुपये पहुंच गया. मंडल के अनुसार संपत्तियों के बेहतर उपयोग और बिक्री से प्राप्त संसाधनों का इस्तेमाल भविष्य की आवासीय एवं अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के लिए आधार तैयार करने में किया जा सकता है.

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