CG News: सुशासन तिहार बना ग्रामीणों के लिए रोजगार का माध्यम, पशुपालन से जुड़े 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण
CG News: सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध निराकरण कर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिलेभर से प्राप्त पशुपालन संबंधी कुल 507 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। इन आवेदनों में बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गौ पालन और अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों से जुड़ी मांगें शामिल थीं।
सभी जनपदों में हुआ समाधान
पशुपालन योजनाओं के लिए विभिन्न जनपद पंचायतों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में प्राप्त आवेदनों का समाधान कर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की, पशुधन विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को स्थायी आय के साधन उपलब्ध कराना भी है। पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
आधुनिक तकनीकों की दी जा रही जानकारी
हितग्राहियों को पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार और वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। इससे पशुपालकों को बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त करने में सहायता मिलेगी, पशुपालन आधारित योजनाएं ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी से किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो रहे हैं, सुशासन तिहार के माध्यम से आवेदनों के त्वरित निराकरण ने प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है। यह पहल दर्शाती है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
