CG News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से अमरकंटक तक प्रकृति का अद्भुत नजारा, झरनों ने पकड़ी रफ्तार
CG News: सावन की बारिश के बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से लेकर पवित्र नगरी अमरकंटक तक प्रकृति का खूबसूरत रूप देखने को मिल रहा है. लगातार बारिश के कारण मैकल की पहाड़ियां हरी चादर से ढक गई हैं. नदी और नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है. पेंड्रा से अमरकंटक जाने वाले रास्तों पर हल्का कोहरा और पहाड़ों के बीच छाए बादल यात्रियों के सफर को बेहद खास बना रहे हैं.

तेज बहाव में बह रहे झरने
बारिश के बाद अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों की रौनक भी बढ़ गई है. कपिलधारा और दूधधारा जलप्रपात इन दिनों तेज बहाव के साथ बह रहे हैं. बारिश के कारण झरनों का स्वरूप पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक दिखाई दे रहा है. इन खूबसूरत नजारों को देखने के लिए पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.

बादलों और धुंध ने बढ़ाई खूबसूरती
अमरकंटक और आसपास के क्षेत्रों में चारों ओर हरियाली नजर आ रही है. पहाड़ों को छूकर गुजरते बादल और धुंध में ढकी सड़कें पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. छत्तीसगढ़ की सीमा के पास स्थित धरमपानी और करीब 3600 फीट की ऊंचाई पर बसे राजमेरगढ़ से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की प्राकृतिक सुंदरता का शानदार नजारा दिखाई देता है.
पर्यटन स्थलों पर बढ़ी भीड़
छुट्टियों का मौसम होने के कारण अमरकंटक और आसपास के पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी और दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं. बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया है, वहीं पहाड़ों पर छाई धुंध, चारों तरफ फैली हरियाली और झरनों का तेज बहाव पूरे क्षेत्र को पर्वतीय पर्यटन स्थल जैसा अनुभव दे रहा है. प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए लोग यहां समय बिता रहे हैं.

कैमरों में कैद हो रही खूबसूरती
सावन की बारिश ने अमरकंटक और मैकल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं. बादलों, बारिश, हरियाली और झरनों का संगम यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. लोग इन खूबसूरत नजारों को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं. बारिश के मौसम में अमरकंटक का यह बदला हुआ रूप प्रकृति प्रेमियों को खासा पसंद आ रहा है.




