CG News: बस्तर के जंगलों में शिकारियों पर शिकंजा कसेंगे छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र और तेलंगाना के वन विभाग
CG News: बस्तर में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है, अब छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र और तेलंगाना के वन विभाग मिलकर जंगलों की निगरानी करेंगे, बीजापुर में तीनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों की बैठक में संयुक्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है, पिछले एक महीने में शिकार के दो बड़े मामले सामने आने के बाद यह रणनीति तैयार की गई है.

बॉर्डर इलाकों में सक्रिय शिकारियों पर रहेगी नजर
इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले वन्यजीव कई बार महाराष्ट्र और तेलंगाना के जंगलों तक पहुंच जाते हैं, इसी का फायदा उठाकर शिकारी सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहते हैं, वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के खतरे को देखते हुए अब तीनों राज्यों ने मिलकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है.
तीनों राज्यों की बनेगी ज्वाइंट टास्क फोर्स
अब केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा अभियान, बल्कि तीनों राज्यों की संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाएगी, यह टीम लगातार जंगलों में गश्त करेगी और शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी, जरूरत पड़ने पर तीनों राज्यों के अधिकारी मिलकर कार्रवाई भी करेंगे.
इंद्रावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा होगी मजबूत
इंद्रावती टाइगर रिजर्व करीब 2800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, इसकी सीमाएं महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और तेलंगाना के वन क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं, यही वजह है कि बाघ तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तीनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है.
वन अधिकारियों ने तैयार की नई रणनीति
बस्तर में नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद शिकारियों की सक्रियता से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं, वन विभाग ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई तस्करों को गिरफ्तार किया है, अब तीन राज्यों की संयुक्त रणनीति से उम्मीद है कि इंद्रावती के जंगलों में वन्यजीव पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेंगे और शिकारियों के लिए जंगलों में घुसना मुश्किल होगा.




