CG News: नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट का आगाज, 235 करोड़ के निवेश से मिलेंगे हजारों रोजगार
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली औद्योगिक यूनिट स्थापित होने जा रही है, जिससे प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।
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235 करोड़ के निवेश से शुरू होगी पहली यूनिट
टेक्सटाइल पार्क में तमिलनाडु की एक प्रमुख कंपनी 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना से 4600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। यूनिट में मुख्य रूप से निट गारमेंट्स और बच्चों के परिधानों का उत्पादन किया जाएगा, जिनका निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक किया जाएगा।
81 एकड़ में विकसित हो रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क
नवा रायपुर में लगभग 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां वस्त्र उद्योग, रेडीमेड गारमेंट, तकनीकी वस्त्र और सहायक उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जा रही है, जिससे निवेशकों को बेहतर औद्योगिक माहौल मिल सके, टेक्सटाइल पार्क में तीन औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन परियोजनाओं में कुल लगभग 445 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं पर सरकार का जोर
पार्क में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को रोजगार सहायता जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। सरकार के अनुसार हाल के महीनों में राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, सरकार का मानना है कि टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाएं न केवल रोजगार बढ़ाएंगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देंगी। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
