CG News: इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन स्टील से बदलेगी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक तस्वीर, लाखों रोजगार की उम्मीद
CG News: छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक खनिज आधारित औद्योगिक पहचान को बदलकर वैल्यू एडेड और आधुनिक विनिर्माण का केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के जरिए स्थानीय संसाधनों का अधिकतम मूल्य संवर्धन करने और तैयार उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.

8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से बढ़ी उम्मीद
औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य में निवेश को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ी है. निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन परियोजनाओं से 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है. खास बात यह है कि प्रस्तावों में पारंपरिक खनिज उद्योगों के साथ एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए सेक्टर भी शामिल हैं. नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव इसी बदलाव को दर्शाते हैं.

राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर, ग्रीन स्टील पर जोर
राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर यानी EMC 2.0 को मंजूरी मिलने से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं खुली हैं. क्लस्टर के जरिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है. दूसरी ओर, स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला राज्य अब ग्रीन स्टील की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है. हाल ही में हुए छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग में करीब 13,840 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताएं सामने आईं. इससे कम कार्बन उत्सर्जन वाले स्टील उत्पादन को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ रहा निवेश
फार्मास्यूटिकल्स को भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान मिल रहा है. पिछले 18 महीनों में इस क्षेत्र में करीब 992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये की चार परियोजनाएं कार्यान्वयन के चरण में हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से विस्तार हो रहा है. केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देश में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है. ऐसे में छत्तीसगढ़ का EMC 2.0 देश की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
स्थानीय संसाधनों से रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा
राज्य की औद्योगिक रणनीति बड़े शहरों और बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है. बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर है. निवेश परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति प्रणाली को मजबूत किया गया है. 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित मंजूरी की व्यवस्था भी की गई है. खनिज, ऊर्जा और मौजूदा औद्योगिक आधार का इस्तेमाल कर राज्य अब कच्चे संसाधनों के बजाय उच्च मूल्य वाले उत्पाद बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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