CG News: बस्तर में चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर, सीएम साय के निर्देश पर 350 से अधिक लोग राहत शिविरों में शिफ्ट
CG News: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है. भारी बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई गांवों और शहरों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बस्तर जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन दल (SDRF) की टीम युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुट गई है.
फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है. बस्तर जिले में कुल 9 अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें अब तक 350 से अधिक प्रभावितों को आश्रय दिया गया है. नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना में पानी के बीच फंसे लगभग 40 लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित निकाला गया. जगदलपुर शहर के 4 शिविरों में 175 लोगों को ठहराया गया है, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं.
प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया. अधिकारियों ने जगदलपुर के गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट और मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के समीपवर्ती इलाकों का दौरा किया. उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मैदानी कर्मचारियों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए.
ओडिशा के बांधों से छोड़ा गया पानी
लगातार हो रही वर्षा के साथ ही ओडिशा स्थित इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के 3 और मुरान बांध के 2 गेट खोल दिए गए हैं. बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है. इसके चलते तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मन्धोता और बेलगांव जैसे जलमग्न क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल नावों के साथ तैनात हैं.
प्रशासन की नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
बस्तर जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, रपटों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का बिल्कुल भी जोखिम न उठाएं. किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल आपसी समन्वय के साथ मुस्तैद हैं ताकि जान-माल के नुकसान को पूरी तरह रोका जा सके.


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