CG News: कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में शामिल हुआ व्यक्तिगत आयकर और पर्सनल फाइनेंस का अध्याय
CG News: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) ने स्कूली शिक्षा को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है. कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान विषय के नए पाठ्यक्रम में ‘व्यक्तिगत आयकर’ (Personal Income Tax) और वित्तीय साक्षरता से जुड़े अध्यायों को शामिल किया गया है. नई पुस्तक में ईमानदारी से कर चुकाने को एक जिम्मेदार नागरिक का प्राथमिक और महत्वपूर्ण कर्तव्य बताया गया है.

‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ किताब हुई जारी
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह महीने बाद मंगलवार को NCERT द्वारा ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ शीर्षक से यह नई पाठ्यपुस्तक जारी की गई है, जबकि इसका पहला भाग जून में पेश किया गया था. NCERT के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, यह पहली बार है जब 14-15 वर्ष (कक्षा 9) के छात्रों को आयकर की वास्तविक गणना और कर दरों के बारे में शिक्षाप्रद और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है.

नई डिफॉल्ट कर व्यवस्था की दी गई जानकारी
पाठ्यपुस्तक में भारत की आयकर स्लैब प्रणाली को तालिकाओं और चार्ट्स के माध्यम से बेहद सरल भाषा में समझाया गया है. इसमें 1 अप्रैल 2023 से लागू ‘नयी कर व्यवस्था’ (New Tax Regime) का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसे सरकार द्वारा ‘डिफॉल्ट’ व्यवस्था बनाया गया है. छात्रों को समझाया गया है कि किस प्रकार करदाता अपनी आवश्यकतानुसार पुरानी और नई कर व्यवस्था में से सही विकल्प चुन सकते हैं.
छात्र सीखेंगे मनी मैनेजमेंट
यह अध्याय केवल टैक्स गणना तक सीमित न होकर व्यक्तिगत वित्त के 5 मुख्य स्तंभों (Pillars of Personal Finance) को भी कवर करता है. छात्र अब आय (Income), बजट बनाना व खर्चों की योजना (Budgeting), बचत (Savings), निवेश (Investment) तथा सुरक्षा व जोखिम प्रबंधन (Risk Management) जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक सिद्धांतों को पढ़ेंगे. इसमें कम उम्र में निवेश की शुरुआत के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है.
वित्तीय विकल्पों की दी गई समझ
छात्रों को भविष्य की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न निवेश साधनों जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), बॉन्ड, स्टॉक मार्केट और म्युचुअल फंड के बारे में बुनियादी जानकारी दी गई है. NCERT के अनुसार, इस आयु में वित्तीय निर्णयों के दूरगामी परिणामों को समझना विद्यार्थियों को भविष्य में आर्थिक रूप से जागरूक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा.

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