CG News: भाजपा का संगठनात्मक फेरबदल, स्मृति ईरानी बनीं छत्तीसगढ़ और हरियाणा की नई प्रदेश प्रभारी
CG News: भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने देशभर में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है. इस फेरबदल के तहत कई राज्यों में नए प्रदेश प्रभारियों की घोषणा की गई है. इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा राज्य का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है. इस निर्णय के बाद दोनों राज्यों की भावी राजनीतिक रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है.

नई जिम्मेदारी पर केंद्रीय नेतृत्व का जताया आभार
स्मृति ईरानी ने इस महत्वपूर्ण दायित्व के मिलने पर सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार व्यक्त किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की पुण्य धरा और हरियाणा को हरि की पावन भूमि बताते हुए खुशी जताई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वे दोनों प्रदेशों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर संगठन को और अधिक मजबूत करेंगी.
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की जगह ली
स्मृति ईरानी की यह नियुक्ति रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही है. इससे पहले छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी की कमान नितिन नवीन संभाल रहे थे. नितिन नवीन को पार्टी द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद खाली हुए स्थान पर स्मृति ईरानी को लाया गया है. संगठन में इस बदलाव से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नए उत्साह का संचार होने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ और हरियाणा में निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार और पार्टी संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में स्मृति ईरानी की भूमिका बेहद खास रहेगी. वहीं दूसरी ओर हरियाणा में भी संगठन को सक्रिय बनाए रखने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संवाद बढ़ाने की बड़ी चुनौती उनके पास होगी. इस नई व्यवस्था से आने वाले समय में दोनों राज्यों की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी.
सरकार और संगठन को सुदृढ़ करने का संकल्प
पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्मृति ईरानी ने पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का संकल्प दोहराया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को संगठन के माध्यम से नीचे तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी. आने वाले दिनों में उनके दौरों और बैठकों के बाद दोनों राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों का नया खाका स्पष्ट होने की उम्मीद है.

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