CG News: छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए बड़ा बदलाव, पढ़ाई छूटने पर भी सुरक्षित रहेगी मेहनत
CG News: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था राहत देने वाली है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट व्यवस्था में विद्यार्थियों की पढ़ाई से अर्जित क्रेडिट डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे. अगर कोई छात्र पारिवारिक, आर्थिक या किसी अन्य वजह से पढ़ाई बीच में रोक देता है, तो बाद में दोबारा उच्च शिक्षा से जुड़कर अपने पहले से अर्जित क्रेडिट के आधार पर पढ़ाई आगे बढ़ा सकेगा.

33 जिलों के संस्थान व्यवस्था से जुड़े
छत्तीसगढ़ में यह व्यवस्था सत्र 2023-24 से लागू है. अब प्रदेश के सभी 33 जिलों के उच्च शिक्षण संस्थान इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ चुके हैं. इससे करीब 6.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर समेत शासकीय और निजी महाविद्यालयों को भी इससे जोड़ा गया है.
डिजीलॉकर में सुरक्षित होंगे दस्तावेज
एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों को भी डिजिटल रूप से सुरक्षित करने की व्यवस्था है. डिजीलॉकर और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी के एकीकरण से डिग्री, अंकसूची और अन्य प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेंगे. इससे दस्तावेज खोने या खराब होने की चिंता कम होगी और जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी इनका इस्तेमाल कर सकेंगे.
पढ़ाई के बीच आने वाला ब्रेक नहीं बनेगा बाधा
नई व्यवस्था में विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रख सकेंगे. पढ़ाई बीच में रुकने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार दोबारा प्रवेश लेकर आगे की पढ़ाई जारी की जा सकेगी. जरूरत पड़ने पर दूसरे संस्थान में क्रेडिट स्थानांतरण की सुविधा भी मिल सकती है. इससे विद्यार्थियों को अपनी परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाई जारी रखने का विकल्प मिलेगा.
दो साल बाद लौटे तो भी काम आएगी पुरानी मेहनत
मान लीजिए किसी विद्यार्थी ने स्नातक की पढ़ाई के दो वर्ष पूरे किए और किसी वजह से पढ़ाई रोकनी पड़ी. अब वह कुछ समय बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहता है, तो उसके पहले अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे. यानी पढ़ाई में आया ब्रेक उसकी पिछली मेहनत को खत्म नहीं करेगा. यही व्यवस्था उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए कई बार प्रवेश और निकास की सुविधा को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
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