CG News: 1 नवंबर से खुलेगा भोरमदेव अभयारण्य, जिप्सी सफारी, शेर और 100 से ज्यादा बाइसन बनेंगे आकर्षण का केंद्र
CG News: छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध भोरमदेव अभयारण्य 1 नवंबर से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी तेजी से चल रही है. मानसून के बाद अभयारण्य क्षेत्र में रास्तों की सफाई और मरम्मत का काम जारी है, ताकि सैलानियों को जंगल सफारी का सुगम अनुभव मिल सके.

सकरी नदी को 21 बार पार करता है सफारी मार्ग
पहाड़ों, झरनों और घने जंगलों से घिरा यह अभयारण्य अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. अभयारण्य के जंगल सफारी मार्ग में सकरी नदी को करीब 21 बार पार करना पड़ता है. लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव तेज है, जिसे जलस्तर कम होते ही पर्यटकों के आवागमन के लिए तैयार कर लिया जाएगा.
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जिप्सी सफारी, कैंटीन और आकर्षक गार्डन की सुविधा
वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के अनुसार, भोरमदेव अभयारण्य में व्यावसायिक पर्यटन का यह दूसरा वर्ष है. इस बार पर्यटकों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए खुली जिप्सी गाड़ियों से जंगल सफारी, भोरमदेव गेट के पास एक सुंदर गार्डन और पर्यटकों के लिए कैंटीन की नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
कान्हा नेशनल पार्क से लगा क्षेत्र
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से सटे होने के कारण भोरमदेव अभयारण्य जैव विविधता और वन्यजीवों से समृद्ध है. अभयारण्य की एसडीओ अंकिता साहू ने बताया कि यहां चीतल, सांभर के अलावा बाघ (शेर) भी देखे गए हैं, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है.


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