CG News: छत्तीसगढ़ के जनजातीय व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा 4G नेटवर्क, केंद्र सरकार ने 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों को दी मंजूरी
CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्गम, वनांचल, जनजातीय और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे राज्य के उन सुदूर गांवों तक हाई-स्पीड मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जो अब तक संचार सुविधाओं से पूरी तरह वंचित या सीमित रहे हैं.

बस्तर और सरगुजा में भूमि आवंटन पूरा
स्वीकृत किए गए 577 मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए राज्य शासन द्वारा अधिकांश स्थलों पर भूमि आवंटन की प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी कर ली गई है, संबंधित प्रशासनिक क्षेत्रों में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर टावर निर्माण का कार्य भी शुरू करवा दिया गया है, यह पहल विशेष रूप से बस्तर, सरगुजा सहित राज्य के सीमावर्ती और वनांचल अंचलों में मजबूत नेटवर्क ढांचा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी.

ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था होगी सुदृढ़
सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार होने से ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा व ई-लर्निंग सामग्री तक सीधी पहुंच मिलेगी, इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ई-संजीवनी और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाओं से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर सकेंगे, वहीं संवेदनशील और नक्सल प्रभावित अंचलों में मजबूत नेटवर्क से स्थानीय नागरिकों व सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपातकालीन संवाद और त्वरित सूचना का आदान-प्रदान सुगम हो जाएगा.
केंद्रीय संचार मंत्री से वार्ता के बाद मिली सफलता
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 31 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर प्रदेश के जनजातीय व दुर्गम इलाकों में नेटवर्क विस्तार पर गहन चर्चा की थी, मुख्यमंत्री ने 577 टावरों की स्वीकृति के लिए केंद्र का आभार जताते हुए ‘डिजिटल भारत निधि’ (DBN) के तहत 2,305 और नए मोबाइल टावरों की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया है, इसके अतिरिक्त राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को ‘भारतनेट फेज-3’ परियोजना के तहत हाई-स्पीड इंटरनेट और FTTH सेवाओं से जोड़ने की तैयारी भी अंतिम चरण में है.
स्थानीय भाषा में मिलेंगी सरकारी सेवाएं
डिजिटल सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और जन-केंद्रित बनाने हेतु राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ‘भाषिणी’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बड़े पैमाने पर उपयोग करने जा रही है, इस आधुनिक तकनीक का मुख्य उद्देश्य वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को उनकी अपनी स्थानीय बोली व भाषा में डिजिटल सेवाएं, कृषि मंडी भाव, मौसम की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराना है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक सुशासन पहुंच सके.
