CG News: छत्तीसगढ़ में लागू होगा ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम, कॉलेज स्टूडेंट्स बनेंगे बाल सुरक्षा के प्रहरी
CG News: छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को कॉलेजों में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कोर्स का उद्देश्य युवाओं को बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और समाज में संवेदनशीलता बढ़ाना है।
क्या है ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम?
यह एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी जाएगी। यह पाठ्यक्रम छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करेगा।

कैसे हुआ पाठ्यक्रम का विकास?
इस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से एमओयू साइन किया गया है। रायपुर में आयोजित परामर्श बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना को अंतिम रूप दिया।
किन-किन विश्वविद्यालयों की भागीदारी?
इस पहल में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय समेत कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया है और इसे लागू करने पर सहमति जताई है।
क्या होगा छात्रों को फायदा?
इस पाठ्यक्रम से छात्रों में सामाजिक जागरूकता बढ़ेगी और वे बाल अधिकारों के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। साथ ही यह कोर्स उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा।
कब से होगा लागू?
विशेषज्ञों की बैठक के बाद पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है। उम्मीद है कि इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के कॉलेजों में लागू कर दिया जाएगा, “रक्षक” पाठ्यक्रम सिर्फ एक पढ़ाई का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है, जो बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और प्रभावी कदम साबित हो सकती है।
