CG News: 31 मार्च 2026: बस्तर में नक्सलवाद समाप्त, करोड़ों की बरामदगी के साथ 42 नक्सली मुख्यधारा में लौटे
CG News: बस्तर के इतिहास में 31 मार्च 2026 स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन के अंतिम दिन सुरक्षाबलों ने अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की। बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में कुल 42 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
आर्थिक और सैन्य शक्ति पर प्रहार
इस दौरान नक्सलियों के आर्थिक साम्राज्य और सैन्य शक्ति को कमजोर करते हुए 14.06 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बरामदगी की गई। इसमें नगद 2.90 करोड़ रुपए और सोना 11.16 करोड़ रुपए (7.20 किलोग्राम) शामिल है। जब्त हथियारों में 93 अत्याधुनिक हथियार (एके-47, एलएमजी, एसएलआर) शामिल हैं।

बीजापुर में आत्मसमर्पण
बीजापुर में 25 हार्डकोर नक्सलियों (12 महिलाएं) ने हथियार डाले। इनके ऊपर कुल 1.47 करोड़ रुपए का इनाम था। इसमें मंगल कोरसा उर्फ मोटू और शंकर मुचाकी जैसे बड़े नाम शामिल थे।
दंतेवाड़ा: नक्सल मुक्त जिला
दंतेवाड़ा अब आधिकारिक तौर पर नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। पूना मारगेम अभियान के तहत अंतिम 5 सक्रिय नक्सली (4 महिलाएं) ने आत्मसमर्पण किया। इनके पास से 40 घातक हथियार बरामद हुए। एसपी गौरव राय ने कहा कि जिले में अब हिंसा नहीं, बल्कि शांति और विकास की महक होगी।
सुकमा में महिला नक्सलियों का सरेंडर
सुकमा में 10 लाख रुपए नगद और ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए। यहां दो महिला कमांडर – जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे और सोनी उर्फ माड़वी कोसी – ने समर्पण किया। एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
कांकेर में आत्मसमर्पण
कांकेर में 2 और नक्सली, पीपीसीएम शंकर और हिडमा डोडी ने एके-47 के साथ समर्पण किया। पिछले पांच दिनों में कुल 11 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने शेष नक्सलियों से भी अपील की कि वे हथियार डालकर नई जिंदगी शुरू करें।
अब तक के आँकड़े
01 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि कुल 1003 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसी अवधि में कुल 6.63 करोड़ रुपए नगद और 12.80 करोड़ रुपए सोना बरामद किया गया। यह बस्तर और छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्ति अभियान की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
