CG News: बस्तर में पर्यटन को नई उड़ान, नक्सल प्रभावित इलाकों में बनेगा नया टूरिस्ट सर्किट
CG News: प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध बस्तर अब पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है, लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण पर्यटकों से दूर रहे इलाकों को अब पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है, केंद्र और राज्य सरकार की रणनीति के चलते हालात बदल रहे हैं और अब ये क्षेत्र विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं.

पुसपाल को बनाया जा रहा नया टूरिस्ट स्पॉट
बस्तर जिले का पुसपाल इलाका, जो अब तक पर्यटकों की नजरों से ओझल था, अब कोण्डागांव वन मंडल द्वारा पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है, विभाग ने पहले ही इसकी योजना तैयार कर ली है और अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

तैयार होगा नया पर्यटन सर्किट
नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब एक नया पर्यटन सर्किट तैयार किया जा रहा है, यह सर्किट केशकाल टाटामारी से शुरू होकर चैतगृह भोगापाल, प्राचीन शिवलिंग गोबरहीन होते हुए पुसपाल तक पहुंचेगा और फिर चित्रकोट जलप्रपात तक जाएगा, इस सर्किट की खासियत यह होगी कि पर्यटक एक ही जिले में सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों का अद्भुत नजारा देख सकेंगे, टाटामारी में सनराइज और पुसपाल में सनसेट का विहंगम दृश्य पर्यटकों को अनोखा अनुभव देगा.
एडवेंचर और इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन विभाग द्वारा यहां राफ्टिंग, कॉटेज, एडवेंचर एक्टिविटी जैसे कई आकर्षण विकसित किए जा रहे हैं, इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा, इस परियोजना से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, पर्यटन के विकास से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा.
70% विकास कार्य नारायणपुर में
बताया जा रहा है कि, इस परियोजना का 70 प्रतिशत विकास कार्य नारायणपुर जिले में होगा, जबकि 30 प्रतिशत कार्य बस्तर जिले के अंतर्गत कोण्डागांव वन मंडल क्षेत्र में किया जाएगा, जो क्षेत्र कभी नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था, अब वही पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रहा है, बस्तर का यह बदलता स्वरूप न केवल विकास की नई कहानी लिखेगा, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा.




