CG News: सरगुजा में तिलहन किसान मेले का शुभारंभ, किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर जोर
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों अपनाने, तिलहन उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। सरकार द्वारा किसानों को बेहतर मूल्य, प्रोत्साहन राशि और प्रशिक्षण देने की बात भी दोहराई गई।
किसान मेले में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन
राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित इस दो दिवसीय मेले में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों से सीधे संवाद किया और उनके अनुभव भी सुने।उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी को खेतों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजन किसानों को नई सोच और उन्नत खेती की दिशा में प्रेरित करते हैं।

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण
विश्व वानिकी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में साल का पौधा लगाया। यह गतिविधि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि खेती और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया, ताकि हरित वातावरण को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना आज की बड़ी आवश्यकता होती है। ऐसी पहलें समाज में जागरूकता बढ़ाती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करती हैं।

धान खरीदी और किसानों को आर्थिक लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर में धान खरीद रही है। उन्होंने बताया कि अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह पहल किसानों के विश्वास को मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

तिलहन उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में तिलहन उत्पादन अभी भी पर्याप्त नहीं है और बड़ी मात्रा में आयात करना पड़ता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए किसानों को तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार द्वारा प्रति एकड़ 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की योजना भी लागू की गई है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने की अपील की। साथ ही पशुपालन, दुग्ध और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने पर भी जोर दिया गया।

कृषि शिक्षा और प्रशिक्षण की भूमिका
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में संचालित कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। हर वर्ष हजारों किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे खेती में नवाचार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझाव किसानों को बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता हासिल करने में मदद करते हैं। इस तरह के प्रयास कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर तिलहन उत्पादन से जुड़ी नई जानकारी प्राप्त की। यह किसान मेला राज्य में कृषि विविधीकरण और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो किसानों की आय में वृद्धि और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।


