CG News: श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिक बनेंगे आत्मनिर्भर, ई-रिक्शा से बढ़ेगा स्वरोजगार
CG News: रायपुर में श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाएं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और असंगठित कर्मकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है.

ई-रिक्शा योजना का लाभ
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” और “ई-रिक्शा सहायता योजना” चलाई जा रही हैं, इन योजनाओं के तहत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए कुल लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है, जबकि असंगठित कर्मकारों को 50 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है.
DBT से सीधे खाते में राशि
योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाती है, इससे पारदर्शिता बनी रहती है और श्रमिकों को समय पर लाभ मिल पाता है, इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला निर्माण श्रमिकों का कम से कम 3 वर्षों से पंजीकृत होना आवश्यक है, वहीं असंगठित कर्मकारों को ऑटो चालक श्रेणी में पंजीकृत होना चाहिए और कम से कम 90 दिनों तक कार्यरत रहना जरूरी है, आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और योजना का लाभ केवल एक बार ही दिया जाएगा.
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन के लिए श्रमिकों को श्रमिक पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, ऋण स्वीकृति दस्तावेज और स्व-घोषणा पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, आवेदन बैंक से ऋण स्वीकृति के 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है, इच्छुक श्रमिक जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
रोजगार और सम्मान का अवसर
यह योजना न केवल श्रमिकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में भी आगे बढ़ाती है, ई-रिक्शा के माध्यम से नियमित आय सुनिश्चित कर श्रमिक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं.




