CG News: IIIT नया रायपुर बना विज्ञान का केंद्र, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026 का शुभारंभ
CG News: अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर में आयोजित 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवाईएससी–2026) का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया, यह दो दिवसीय सम्मेलन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ट्रिपलआईटी नया रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है.
विज्ञान और नवाचार पर जोर
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि, राज्य के विकास में विज्ञान, नवाचार और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है, उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान अध्ययन और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी भी ज्ञान से जुड़ सकें.
प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संगम
उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि, हमारे ऋषि-मुनियों ने प्राचीन समय में ही गहन वैज्ञानिक चिंतन किया था, उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि, आर्यभट्ट के कार्यों में कई वैज्ञानिक सिद्धांतों की झलक मिलती है, जो आज भी प्रासंगिक हैं.
45 विशेषज्ञों की भागीदारी
इस सम्मेलन में देशभर से कुल 194 शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनका मूल्यांकन करने के लिए 45 विशेषज्ञ शामिल हुए हैं, युवा वैज्ञानिक अपने शोध को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत कर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त कर रहे हैं.
विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना की घोषणा
राज्य सरकार द्वारा विज्ञान और शोध को बढ़ावा देने के लिए “विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना” शुरू की जा रही है, इसके तहत विद्यार्थी देश के महान वैज्ञानिकों जैसे सी.वी. रमन, होमी भाभा, विक्रम साराभाई आदि के कार्यस्थलों का भ्रमण कर सकेंगे, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी, वहीं, प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों को नई श्रेणी के रूप में जोड़ने का सुझाव दिया.
युवा प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान
सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्रों का चयन किया जाएगा, समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विजेताओं को सम्मानित करेंगे और उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगे, इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी भी देखने को मिलेगी, इटली की प्रतिष्ठित कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एंजेलो ज़ाइया भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे युवा वैज्ञानिकों को वैश्विक दृष्टिकोण मिलेगा.




